देवास (निप्र) - ब्याजख़ोरी के मामले में एक महिला को उसी के साथ ही परिवार के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया। यह दोनों साथी ब्याज पर पैसे दिया करते थे। इस बार वहीं के रहने वाले जगदीश बैरागी नामक व्यक्ति को पैसे दे रखे थे जिसके 1 लाख 30 हजार रूपये ब्याज सहित कुल रुपये हो गए थे । उससे पैसे लेने की होड़ में इन दोनों साथियों में विवाद हो गया। जिसके बाद एक ब्याज खोर दोस्त ने नियत खराब होने पर दूसरे ब्याज पर दोस्तों की जान ले ली। दिनांक 18 अक्टूबर को थाना बागली पुलिस को सूचना मिली थी कि अज्ञात महिला का शव नेमावर रोड चोपड़ा में संदिग्ध हालत में पड़ा हुआ है । उसके बाद पूरे मामले की छानबीन की गई। उस महिला का पीएम करने के बाद पता चला कि महिला की बेरहमी से हत्या की गई है।
अज्ञात महिला का नाम सावित्री बाई पति रामचरण पाटीदार उम्र 65 वर्ष जो कि हनुमान मंदिर के पास नेमावर रोड पर निवास करती थी उसके रूप में पहचान हुई है। पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर सावित्रीबाई के साथी सिद्धेश्वर उपाध्याय को पकड़ा और उससे बारीकी से पूछताछ की। पूरे मामले में पुलिस को जगदीश बैरागी की लीड मिली। जिसने ब्याज पर इन दोनों से पैसे लिए थे उसका पता चला, इनकी ब्याज की कुल राशि ₹1 लाख 30 हजार रुपए होना पाया गया। जगदीश बैरागी ने अपना मकान सिद्धेश्वर के पास गिरवी रख रखा था और उसी गिरवी रखे मकान के पैसे सावित्रीबाई सिद्धेश्वर से बार-बार मांग रही थी। उससे परेशान होकर व चिढ़कर सिद्धेश्वर ने अपने परिवार के साथ मिलकर सावित्रीबाई की हत्या कर थी।
2 महीने बाद पुलिस को इस पूरे मामले में सफलता मिली है जिसमें पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर उन पर बागली थाने में अपराध क्रमांक 462/ 2021 धारा 302,201 के तहत भादवि का अपराध कायम कर विवेचना में लिया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, आरोपियों के कपड़े, आरोपियों के मोबाइल, व विवाद का कारण जगदीश्वर बैरागी की घर की रजिस्ट्री और गिरवी रखा हुआ बंद पत्र जब्त किया है। पूरे मामले में एसपी डॉ शिवदयाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अंधे कत्ल का खुलासा किया है। जिनका कहना था कि इसमें सिद्धेश्वर की नीयत खराब होने से उसने महिला की चाकुओं से हत्या कर दी। इसमें सिद्धेश्वर का पूरा परिवार शामिल था। यह केस टिपिकल था जो कि गुमराह कर रहा था। लेकिन अंततः इसकी गुत्थी हमने सुलझा ली।
अज्ञात महिला का नाम सावित्री बाई पति रामचरण पाटीदार उम्र 65 वर्ष जो कि हनुमान मंदिर के पास नेमावर रोड पर निवास करती थी उसके रूप में पहचान हुई है। पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर सावित्रीबाई के साथी सिद्धेश्वर उपाध्याय को पकड़ा और उससे बारीकी से पूछताछ की। पूरे मामले में पुलिस को जगदीश बैरागी की लीड मिली। जिसने ब्याज पर इन दोनों से पैसे लिए थे उसका पता चला, इनकी ब्याज की कुल राशि ₹1 लाख 30 हजार रुपए होना पाया गया। जगदीश बैरागी ने अपना मकान सिद्धेश्वर के पास गिरवी रख रखा था और उसी गिरवी रखे मकान के पैसे सावित्रीबाई सिद्धेश्वर से बार-बार मांग रही थी। उससे परेशान होकर व चिढ़कर सिद्धेश्वर ने अपने परिवार के साथ मिलकर सावित्रीबाई की हत्या कर थी।
2 महीने बाद पुलिस को इस पूरे मामले में सफलता मिली है जिसमें पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर उन पर बागली थाने में अपराध क्रमांक 462/ 2021 धारा 302,201 के तहत भादवि का अपराध कायम कर विवेचना में लिया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, आरोपियों के कपड़े, आरोपियों के मोबाइल, व विवाद का कारण जगदीश्वर बैरागी की घर की रजिस्ट्री और गिरवी रखा हुआ बंद पत्र जब्त किया है। पूरे मामले में एसपी डॉ शिवदयाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अंधे कत्ल का खुलासा किया है। जिनका कहना था कि इसमें सिद्धेश्वर की नीयत खराब होने से उसने महिला की चाकुओं से हत्या कर दी। इसमें सिद्धेश्वर का पूरा परिवार शामिल था। यह केस टिपिकल था जो कि गुमराह कर रहा था। लेकिन अंततः इसकी गुत्थी हमने सुलझा ली।
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