सपनों में उम्मीदों का निवेश...करेगा अपना मध्य प्रदेश
रोजगार - नए अवसरों की तलाश
मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने जो कार्ययोजना बनाई है, उसमें वर्ष 2022 में गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ाई जाएंगी। इसके लिए तीन से सात जनवरी तक वे एक-एक विभाग के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें रोजगार के अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने के लिए निवेश बढ़ाने पर सर्वाधिक जोर दिया जाएगा। सभी विभागों में इसके लिए एक-एक अधिकारी भी नियुक्त किया गया है।
राजस्व संग्रहण बढ़ाने के प्रयास
आर्थिक गतिविधियों के लिए राजस्व संग्रहण बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके लिए सेवानिवृत्त आइएएस राजन कटोच की अध्यक्षता में समिति भी बनाई गई है। सभी विभागों से कहा गया है कि वे विकास कार्यों को गति देने के लिए बजट से अतिरिक्त वित्तीय संसाधन का इंतजाम करने के लिए कार्ययोजना बनाएं। कोरोना संक्रमण के नियंत्रित रहने पर फरवरी में निवेशकों के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। पहले ये भोपाल और इंदौर में होंगे। इसके बाद ग्वालियर और जबलपुर में निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा।
बिछेगा सड़कों का जाल
केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में सड़क परियोजनाओं के काम तेजी से शुरू होंगे। इसके लिए भारतमाला योजना में अटल प्रोग्रेस-वे से लेकर अन्य परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं। अब भूमि अधिग्रहण पूरा करना है। नर्मदा एक्सप्रेस-वे के साथ मेडिकल कालेज भवन के निर्माण की तैयारियों में भी सरकार जुटी है। वर्ष 2022-23 के बजट की तैयारियां भी जनवरी, 2022 से ही प्रारंभ कर दी जाएंगी। मुख्यमंत्री सभी विभागों से उनके द्वारा नए वित्तीय वर्ष में प्रारंभ किए जाने वाले किसी एक नए कार्य के बारे में पूछेंगे। दरअसल, वर्ष 2023 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसके लिए वर्ष 2022 में ऐसे काम शुरू करने की कार्ययोजना बनाई गई है जो चुनावी वर्ष में धरातल पर नजर आने लगें।
नगर, ग्राम सरकार बनेंगी
त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकायों के चुनाव वर्ष 2022 में कराए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित पदों को छोड़कर बाकी पदों के चुनाव कराने के आदेश दिए थे। सरकार ओबीसी आरक्षण के बिना चुनाव नहीं कराना चाहती थी इसलिए अध्यादेश वापस ले लिया। अब नए सिरे से परिसीमन कराकर चुनाव कराए जाएंगे। इससे ग्राम सरकार का रास्ता साफ होगा फिर नगर सरकार के लिए चुनाव कराए जाएंगे।
पदोन्नति में आरक्षण पर निर्णय पर रहेगी नजर
प्रदेश में वर्ष 2016 से अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति पर रोक लगी हुई है। दरअसल, हाई कोर्ट जबलपुर ने मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्न्ति नियम 2002 को निरस्त कर दिया है। इसके खिलाफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और अब निर्णय सुनाया जाना है। इस वर्ष इस पर नजर रहेगी।
ओबीसी आरक्षण को लेकर स्पष्ट होगी स्थिति
ओबीसी को प्रदेश में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसको लेकर मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है। हालांकि, सरकार ने कोर्ट में जिन याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है, उन्हें छोड़कर बाकी नियुक्तियों में 27 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था लागू की है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है, जिस पर तीन जनवरी को सुनवाई होगी। इसके बाद ओबीसी आरक्षण को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
तय होगा टाइगर स्टेट रहेगा या नहीं
बाघों की गणना का काम फरवरी में पूरा हो जाएगा। इसी साल इसके परिणाम भी घोषित हो जाएंगे। पूरी संभावना है कि मध्य प्रदेश का टाइगर स्टेट का तमगा बरकरार रहेगा यानी यहां के जंगल में देश में सर्वाधिक बाघ होंगे। वर्ष 2018 में बाघों की में मध्य प्रदेश में 526 बाघ गिने गए थे।
नए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक मिलेंगे
दिसंबर, 2022 में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस सेवानिवृत्त होंगे। उनके स्थान पर प्रदेश को नया मुख्य सचिव मिलेगा। वहीं, पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी मार्च, 2022 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उनकी जगह कोई नया अधिकारी लेगा।
किसानों की आय दोगुनी करने पर फोकस
किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य राज्य सरकार को नए साल में पूरा करना है। इसके लिए खेती की लागत घटाने के साथ जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए कार्यक्रम भी बना लिए गए हैं। वहीं, पशुपालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की योजना तैयार की गई है ताकि किसानों को आय के नए स्रोत मिल सकें।
पर्यटन क्षेत्र में उजली संभावना
प्रदेश में पर्यटन की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नए क्षेत्र विकसित करने के साथ सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। मौजूदा क्षेत्रों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
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