मध्य प्रदेश विद्युत मंडल पश्चिम की घोर लापरवाही के कारण फिर एक आउटसोर्स कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों द्वारा 4 घंटे तक चक्का जाम कर हाईवे को रोका, फिर भी विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे इससे जन आक्रोश बना हुआ है।
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कन्नौद (चक्र डेस्क) - कन्नौद सबडिवीजन से 13 किलोमीटर दूर इंदौर-बैतूल हाईवे पर स्थित कलवार ग्राम में कल शाम 4:00 बजे कलवार के एक क्षेत्र की बिजली बंद होने से आउट सोर्स कर्मचारी गोपाल जरवाल बिजली सुधारने के लिए ट्रांसफार्मर पर चढ़ा था। जबकि नियमानुसार विद्युत प्रदाय चालू रहने के बाद किसी भी कर्मचारी को जब तक विद्युत प्रदाय बंद नहीं कर दी जाए तब तक विद्युत पोल पर चढ़ने के लिए परमिशन नहीं होती है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार मृतक कर्मचारी ने नियम अनुसार परमीशन ली थी किंतु किसी ने अन्य फीडर से चालू लाईन को इस लाइन से जोड दिया जिससे तारों में करंट आ गया चूंकि इसकी विभाग के संज्ञान मैं होने से जांच चल रही है। घटना शाम 4:00 बजे घटित हुई और मृतक का शव रात के 9:00 बजे उतारा गया। 13 किलोमीटर दूरी पर डिवीजन ऑफिस है जहां पर वरिष्ठ अधिकारी का कार्यालय है इसके बावजूद घटनास्थल पर अधिकारी घटना नही पहुंचना घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है।
हमारे प्रतिनिधि ने इंदौर से लौटते समय रात्रि 9:00 बजे कलवार घाट पर कोई चार 5 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार देखी तब ग्रामीणों ने बताया कि एक विद्युत कर्मचारी शाम 4:00 बजे से पोल पर लटका हुआ है अभी तक कोई विद्युत विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे हैं हमारे प्रतिनिधि ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से संपर्क स्थापित करना चाहा किंतु फोन नहीं लगा कन्नौद थाना क्षेत्र अंतर्गत उक्त ग्राम आने से हमारे प्रतिनिधि ने थाना प्रभारी श्री यादव से फोन संपर्क किया उन्होंने बताया कि पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पहुंच गया था किंतु जनता का आक्रोश विद्युत कर्मचारी के पोल पर लटके होने से जिम्मेदार अधिकारियों के न आने के कारण बना रहा। हमने भी विद्युत विभाग को सूचना दी मैं स्वयं भी घटनास्थल पर पहुंच चुका हूं शीघ्र मार्ग चालू करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। रात 9:00 बजे बाद थाना प्रभारी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम खोल दिया किंतु इस घटना को लेकर विद्युत अधिकारियों के प्रति घोर आक्रोश बना हुआ है जब हमारे प्रतिनिधि ने कन्नौद पहुंचकर जेई कन्नौद से बात की। उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र की घटना नहीं है इसके बाद भी हमारे यहां से स्टाफ भेजा गया है घटना कहीं पर भी हो घटना उसी संभाग में है तो संबंधित अधिकारियों को जो निकट है घटनास्थल पर तत्काल पहुंचना चाहिए था किंतु ऐसा नहीं किया गया पूरे घटना की संबंधित जिले के अधिकारी ने तत्काल एक कमेटी बनाकर जांच करनी चाहिए और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए भविष्य में इस तरह की घटना घटित ना हो कदम उठाना चाहिए। इससे पूर्व भी कई बार किस संभाग में घटनाएं हुई है जिसमें कई कर्मचारियों की जाने जा चुकी है उनका परिवार आज अनाथ है
यहां पर यह बताना आवश्यक है विद्युत विभाग में 80 फ़ीसदी कर्मचारी डेलीविजस पर है जिनके साथ घटना हो घटित होने के बाद विभाग की ओर से किसी भी तरह की मदद नहीं दी जाती है पीड़ित परिवार को भूखे मरने की स्थिति पर छोड़ दिया जाता है जबकि नियमानुसार अस्थाई कर्मचारी को भी विभाग की ओर से तत्काल परिवार के एक सदस्य को नौकरी पर रख कर पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद करना चाहिए लेकिन विभाग की ओर से ऐसा नहीं किया जा रहा है इसके कई उदाहरण आज क्षेत्र में है क्या संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान देकर कोई कदम उठाएंगे या ऐसे ही मौत का सिलसिला आगे भी चलता रहेगा।
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