भोपाल (ब्युरो) - मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण का विवाद खत्म नहीं हो रहा है. नरोत्तम मिश्रा भी मामले पर फिलहाल कोई हल नहीं निकाल पाए. सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा गठित मंत्री समूह में कोई निर्णय नहीं बन पाया है. आरक्षण को लेकर कांग्रेस के बाद अब बैठक में शामिल होने वाले संगठन सपाक्स ने भी सवाल उठाए हैं, जिसके बाद सरकार घिरते नजर आ रही है.
'सरकार कोर्ट के निर्णय को नहीं मान रही'
सपाक्स का आरोप है कि सरकार कोर्ट के निर्णय को भी नहीं मान रही है. प्रमोशन में आरक्षण न मिले इसलिए करोडों रुपये खर्च किए हैं, इसलिए इसका कोई हल नहीं निकल रहा है. सपाक्स ने कहा कि अजाक्स के दोनों हाथों में लड्डू है इसलिए वो भी नहीं चाहते कि मामला सुलझे. वहीं प्रमोशन में आरक्षण को लेकर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अजाक्स और सपाक्स को ये स्पष्ट कहा गया है कि दोनों पक्ष जिस विषय पर सहमत होंगे सरकार उसे मानने को तैयार है. गृह मंत्री ने कहा कर्मचारी संगठनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार करने का भी प्रस्ताव आया है, जिसपर 90% लोगों की सहमति बनी है.
'सरकार कर्मचारियों के प्रमोशन में अड़ंगा डाल रही'
प्रमोशन में आरक्षण को लेकर सियासत तेज हो चुकी है. सरकार पर हमलावर कांग्रेस ने कहा कि सरकार ही कर्मचारियों के प्रमोशन में अड़ंगा डाल रही है. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कर्मचारियों की विरोधी है इसलिए रोड़ा अटका रही है. कांग्रेस ने कहा कि मध्यप्रदेश में हज़ारो अधकारी और कर्मचारी बिना प्रमोशन के रिटायर हो गए, लेकिन प्रमोशन नहीं मिल सका. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार प्रमोशन का हल निकालने के बजाय मामले को और पेचीदा बना रही है.
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