अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार पर कई संगीन आरोप लगाये.
सत्ता पक्ष की ओर से मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कमान संभाली.
नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ पर भी जमकर निशाना साधा.
भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - बुधवार को मध्य प्रदेश विधान सभा में सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई. विपक्ष सरकार के खिलाफ 51 बिंदुओं का अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया. चर्चा की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने की. गोविंद सिंह ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आज कलेक्टर और एसपी विधायकों का सम्मान नहीं कर रहे. आज प्रजा रह गई है तंत्र हावी हो गया है. एक भी अधिकारी आज नियमों का पालन नहीं कर रहा. विपक्ष के किसी भी नेता के पत्र को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा. सिर्फ एक नेता नितिन गडकरी को छोड़कर कोई पत्र का जवाब नहीं देता. आज विपक्षी दल का अपमान किया जा रहा है। प्रमुख सचिव को फोन लगाओ तो फोन नहीं उठाते. बीजेपी के विधायकों से 15-15 करोड़ के विकास कार्यों की सूची मांगी गई. हमने (विपक्ष) ने क्या अपराध किया है ? विपक्ष के विधायक का क्या दोष है ? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विकास कार्यों की पट्टिकाओं में कांग्रेस विधायकों के नाम नहीं लिखे जाते. विपक्ष के विधायकों का अपमान किया जा रहा.
संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिया जवाब
जवाब में नरोत्तम मिश्रा ने चर्चा के दौरान कमल नाथ के सदन में उपस्थित न रहने का मुद्दा उठाया. नरोत्तम मिश्रा ने कहा अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा महत्वपूर्ण चर्चा होती है इसमें भी कमल नाथ नहीं हैं. ये खुद अपने नेता प्रतिपक्ष पर अविश्वास है. कांग्रेस की सरकार में नक्सली घर में घुसकर हत्या कर देते थे, आज किसी नक्सली में दम नहीं है सिर उठा ले. पुलिस फोर्स नक्सलियों को मारती है लेकिन कांग्रेस के नेता हौसला अफजाई तक नहीं करते. सीएम शिवराज के आने के बाद डाकू गिरोह पूरी तरह खत्म हो गए. दिग्विजय सरकार में जेल से डाकू भाग जाते थे. 21 हजार एकड़ जमीन माफियाओं से मुक्त कराकर गरीबों के आवास बना रहे हैं, मिश्रा ने कहा कि इनके सीएम पंचम तल से नीचे नहीं उतरते थे. गणेश विसर्जन के दौरान बच्चे डूब कर मर गए लेकिन नीचे नहीं उतरे. भ्रष्टाचार का तांडव था आपके (कांग्रेस) के समय में. 15 महीने में 15 हजार ट्रांसफर कर दिए थे. पुरुष महिला के ट्रांसफर तो हर सरकार में होते हैं लेकिन कमल नाथ सरकार में 46 कुत्तों के भी ट्रांसफर कर दिए गए. हर बार हमें वोट ज्यादा मिले, पिछले बार इन्हे सीट ज्यादा मिल गई. बहुमत इनका भी नहीं था सिंधिया का चेहरा दिखाकर वोट हासिल किए थे.
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये सरकार कर्ज लेकर विज्ञापन पर खर्च कर रही है. 40 करोड़ रुपए बीजेपी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के खाने पर खर्च किए गए. 250 करोड़ विदेश यात्राओं पर खर्च किए गए, 10 अरब रुपए सरकारी विज्ञापन पर खर्च किए गए. जीतू पटवारी के आरोपों पर मंत्री ओपीएस भदौरिया भड़क गए और अपनी सीट से उठकर जीतू पटवारी की तरफ आगे आ गए. ओपीएस भदौरिया के व्यवहार पर विपक्ष ने आपत्ति जताई. स्पीकर ने भी ओपीएस भदौरिया के व्यवहार को गलत माना. नेता प्रतिपक्ष ने ओपीएस भदौरिया से खेद प्रकट करने की मांग की जिस पर संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ओपीएस भदौरिया के व्यवहार पर खेद प्रकट किया।
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