कांग्रेस का वॉकआउट; नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह के 'अविश्वास' को नहीं मिला कमल नाथ का साथ
भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन काफी हंगामेदार रहा. सदन में विपक्ष ने विश्वास प्रस्ताव रखा और सत्तापक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए जिनका सरकार के मंत्रियों ने दिया. कई मौकों पर पक्ष विपक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी भी हुई, सदन की कार्रवाई रात करीब 1 बजे तक जारी रही. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अविश्वास प्रस्ताव के जवाब में सदन को संबोधित करेंगे. अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पीसीसी चीफ और पूर्व नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ सदन में उपस्थित नहीं रहे जिसके चलते सत्तापक्ष ने कांग्रेस को जमकर घेरा. गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि विपक्ष अविश्वास लाया हमारे नेता ने उन्हें स्वीकृति दी, मेंने पहले भी कहा था यह एक ऐसा अविश्वास है , जिसमें पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पीसीसी चीफ़ अनुपस्थित हैं. किसी को एक दूसरे के ऊपर विश्वास नहीं है , विधायकों को नेता प्रतिपक्ष पर भरोसा नहीं है. विपक्ष ने हवा-हवाई आरोप लगाए, पूरा अविश्वास बिना तैयारी और तथ्यों के था. अविश्वास प्रस्ताव जो विपक्ष का सबसे मज़बूत हथियार होता है उसमें कमलनाथ अनुपस्थित रहे।
सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. इसके बाद सदन से बाहर उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि सरकार के मंत्री ओपीएस भदौरिया ने सदन में उन पर हमला करने की कोशिश की, हिंसक लोग अलग अलग तरह से हिंसा करते हैं. अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा देश में कहीं इतना अन्याय अत्याचार नहीं जितना एमपी में है, कर्ज लेकर सरकार अय्याशी कर रही है. कर्ज लिया और 12 अरब के विज्ञापन दिए, 10 अरब के इवेंट किये, 40 करोड़ रुपये का खाना भाजपा दफ्तर में कार्यकर्ताओं को खिलाया, सरकार कर्ज लेकर हवाई जहाज, गाड़ियां ले रही है. 4 लाख करोड़ का कर्ज मध्यप्रदेश पर है, 50 हजार करोड़ ब्याज देना पड़ रहा है।भाजपा सिर्फ सत्ता में रहना चाहती है, देश में अपराधों में नम्बर 1 है हमारा प्रदेश. इस बयान के बाद नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया भड़क उठे। वे अपनी सीट से उठे और विपक्ष की तरफ बढ़े। ये देख जीतू पटवारी सहित विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया। नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, विजयलक्ष्मी साधौ ने भदौरिया से माफी मांगने को कहा। इस बीच चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा मंत्री भदौरिया जी मेरे पास आए थे। उनका मंतव्य गलत नहीं था। हंगामे के बीच सदन में संसदीय कार्यमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पहुंचे। उन्हें नेता प्रतिपक्ष ने घटनाक्रम बताया तो उन्होंने कहा मैं खेद व्यक्त करता हूं।
जीतू ने इन मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेरा
- 263 भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की सरकार मंजूरी क्यों नहीं दे रही।
- 63 अफसरों के केस सरकार ने वापस क्यों लिए?
- लोकायुक्त कैलाश मकवाना का ट्रांसफर क्यों किया?
- NCRB की रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री ने मप्र के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को सबसे निष्क्रिय बताया था।
- जीतू ने कृषि मंत्री कमल पटेल की पत्नी का कर्ज माफ करने की बात कही।
- राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को साले से दान में मिली करोड़ों की जमीन और राजवर्द्धन सिंह दत्तीगांव पर युवती द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद रिसॉर्ट टूटने पर घेरा।
सिंधियाजी का चेहरा दिखाकर वोट मांगे, भवरें बुड्ढे आदमी से पड़वा दीं
गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा, 20 साल से आप विपक्ष में हो। अगले 20 साल और आप विपक्ष में रहोगे। हर चुनाव में हमें वोट ज्यादा मिले हैं। सीट इन्हें ज्यादा मिल गई थी। फिर इन्होंने दिल बसपा का लगाया, सपा का फेफड़ा लगाया और निर्दलियों के अंग लगाकर सरकार बना ली। इसके बाद नरोत्तम ने एक कहावत बोलते हुए कहा, सिंधिया जी का चेहरा दिखाकर वोट मांगे और भांवरें (विवाह में लिए जाने वाले फेरे) बुड्ढे आदमी से पड़वा दीं। इस पर बाला बच्चन ने कहा कि सिंधिया जी तो खुद चुनाव हार गए। अब सिंधिया जी का चेहरा लगाना और फिर देखेंगे। नरोत्तम ने कहा - सज्जन भाई ये अविश्वास आपके लिए है। आपके जो पहले नेता प्रतिपक्ष थे, वो आज सदन में नहीं हैं। ये अविश्वास नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ है, हमारे खिलाफ नहीं। सज्जन सिंह ने कहा, हमारा नेता प्रतिपक्ष दमदार है। नरोत्तम बोले- आप कमलनाथ जी का नार्को टेस्ट करा लो, वो सज्जन भाई को नेता प्रतिपक्ष बनाना चाहते थे।
नेता प्रतिपक्ष बोले - आजकल हमारे मुख्यमंत्री जज बन गए हैं...
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष ने कहा, दिग्विजय सिंह ने जो अधिकार पंचायती राज में दिए थे, वो छीनकर अधिकारियों के हवाले कर दिए। जनपद पंचायत, जिला पंचायत अधिकारविहीन हो गई। विधानसभा की कार्यवाही लगातार कम होती जा रही है। सबसे कम समय विधानसभा चलाने का गोल्ड मेडल इस विधानसभा को मिलना चाहिए। नर्सिंग कॉलेजों के घोटाले जगजाहिर हैं। एक कमरे में नर्सिंग कॉलेज चल रहे हैं। ऐसे करीब 550 कॉलेज प्रदेश में हैं। आपने छात्रों को मानव बम बना दिया। हरियाणा, पंजाब के लोग यहां से फर्जी डिग्री लेकर चले गए। कई ऐसे फैकल्टी हैं, जो चार-पांच जगह काम कर रहे हैं। उमाकांत शर्मा बीच में बोलने के लिए खड़े हुए, तो नेता प्रतिपक्ष ने कहा- बैठ जाइए पंडित जी। मैं ढोंग में विश्वास नहीं करता। सजा देना न्यायालय का काम है, लेकिन सत्ता के मद में घमंडी हो गए हो। आपने हजारों घर बर्बाद कर दिए। न्यायपालिका को दंड देने का अधिकार है, कार्यपालिका को नहीं। आजकल हमारे मुख्यमंत्री जज बन गए हैं। आपका समय है। इस प्रकार से रावण का भी अंत हुआ था। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, भोपाल समेत प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में करीब 3300 मेडिकल टीचर्स, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ को मिलाकर 50 हजार कर्मचारी हैं। न्यू पेंशन स्कीम में उनका पैसा कटता है। 800 करोड़ रुपए के लिए कर्मचारी परेशान हैं। हमसे भी कई बार मिले। ये पैसा उनके खातों में जमा होना था, लेकिन डीन के खाते में जमा करा दिया। डीन को क्या अधिकार है? पैसा खाते में है भी या गायब हो गया? इसका पता चलना चाहिए।
लक्ष्मण सिंह ने पंचायत मंत्री को घेरा
कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा- मैने ऐसा पहले कभी नहीं देखा, जब मंत्री बाहें चढ़ाकर विपक्ष को डराने आ जाए। आज ये भी देख लिया। विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा गुना में पंचायत मंत्री के ओएसडी ने कलेक्टर के फर्जी साइन करके आर्म्स लाइसेंस जारी कर दिए। उस पर कलेक्टर ने FIR कराई वो जेल भी गया। लेकिन वो जेल से बाहर आने के बाद फिर आपका ओएसडी बन गया। ये सुनकर मंत्री ने कहा अगर आपके पास ऑफिशियल डॉक्यूमेंट हैं तो मैं अभी इस्तीफा दे दूंगा। मेरे सिर्फ एक ओएसडी है वो भोपाल में रहते हैं। इस पर लक्ष्मण सिंह ने कहा मैं बिना प्रमाण के नहीं बोलता। इससे पहले विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद स्पीकर गिरीश गौतम ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सप्लीमेंट्री बजट के बाद का समय तय किया। इसके बाद वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने सप्लीमेंट्री बजट पेश किया।
15 माह की सरकार में भ्रष्टाचार ऐसा कि कुत्तों तक के तबादले कर दिए : डा. नरोत्तम मिश्रा
कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर पलटवार करते हुए गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कमल नाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि वह सरकार डेढ़ साल आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई थी। वल्लभ भवन (मंत्रालय) को दलाली का अड्डा बना दिया था। 165 दिन में 450 आइएएस, आइपीएस और 15 हजार से अधिक कर्मचारियों के तबादले किए। कुत्तों तक को नहीं छोड़ा। 46 कुत्तों के तबादले कर दिए। एक भी किसान का दो लाख रुपये का ऋण माफ करना बता दें तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। एक समय था जब प्रदेश में डकैत, नक्सली और सिमी के आतंकियों का बोलबाला था लेकिन मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमने न सिर्फ प्रदेश को डकैत मुक्त बनाया है बल्कि सिमी के नेटवर्क को भी ध्वस्त कर दिया। नक्सलियों को अब उनके घर में घुसकर मार रहे हैं। आलोचना का स्तर इतना गिर गया है कि श्री महाकाल महालोक को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे ही आरोप सिंहस्थ को लेकर भी लगाए थे। डा. मिश्रा के जवाब के दौरान कई बार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने अपने समुदाय को लेकर टिप्पणी की, जिस पर सत्ता पक्ष के साथ-साथ विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने भी आपत्ति की।
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