इंदौर (ब्यूरो) - इंदौर नगर निगम का नाम अब तक सफाई के लिए ही याद किया जाता रहा है. लेकिन यहां भ्रष्टाचार की जड़ें भी काफी मजबूत हैं. इंटरनेशनल एंटी करप्शन डे पर इंदौर में नगर निगम का भ्रष्ट दरोगा रिश्वत लेते पकड़ा गया. ये दरोगा एक छोटे से सफाई कर्मी का वेतन पास करने के एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत वसूल रहा था. सफाई कर्मी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस से कर दी और टीम ने उसे दबोच लिया. मामला नगर निगम के जोन 12 का है. यहां पदस्थ नगर निगम का दरोगा सोनू लोकायुक्त टीम के हत्थे चढ़ा है. वह नगर निगम के ही सफाई कर्मचारी को रिश्वत के लिए परेशान कर रहा था. दरोगा से तंग आकर सफाईकर्मी ने लोकायुक्त के बड़े अफसरों से शिकायत कर दी. लोकायुक्त ने जाल बिछा कर दरोगा सोनू को पलसीकर चौराहे पर रिश्वत लेते रंगे हाथो दबोच लिया.
तनख्वाह पास करने के लिए रिश्वत
नगर निगम के जोन 12 वार्ड 66 में पदस्थ अर्जुन कुछ समय पहले अवकाश पर गए थे. उसकी सूचना भी वह निगम दरोगा को दे चुके थे. समय समय पर कई अलग अलग अवकाश के एवज में वह मेडिकल और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी सौंप चुके थे. लेकिन सोनू मानने के लिए तैयार नहीं था. हाजिरी लगाकर वेतन पास करने की जिम्मेदारी सोनू के ही पास थी. सोनू ने वेतन पास करने के एवज में सफाई कर्मी से 25 हजार रूपये की रिश्वत की मांग की थी.
ऐसे पकड़ा गया दरोगा
रिश्वत की मांग होने और रिश्वतखोरी से तंग आकर फरियादी अर्जुन ने लोकायुक्त अफसर से शिकायत की. लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर एक जांच दल नियुक्त कर शिकायत का सत्यापन करवाया. शिकायत के सत्यापित होते ही ट्रेप दल बनाया गया. अर्जुन और नगर निगम दरोगा सोनू के बीच रिश्वत लेनदेन को लेकर फोन पर बातचीत करवाई गई. तभी सोनू पहली किश्त के तौर पर दस हजार रुपये लेने को राजी हो गया. रिश्वत लेते ही लोकायुक्त ने तत्काल सोनू को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. लोकायुक्त टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. नगर निगम मुख्यालय को इसकी सूचना दे दी है.
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