सन 2022 के अंतिम पखवाड़े में वन विभाग को मीडिया तक पहुंची खबरों की भनक लगते ही जमीनी स्तर पर दबिश देना शुरू कर दी जिसके अंतर्गत खातेगांव रेंज के बकवास चौकी के अंतर्गत ग्राम चंद्रपुरा के निवासी कुख्यात तस्कर रामदीन पिता गेंदालाल के निवास से हजारों में नहीं लाखों रुपए की इमारती सागवान लकड़ी से बने फर्नीचर के साथ विभिन्न फर्नीचर के साइज करीब 3 आईसर भरकर वन अमले ने जप्त किया है।
साप्ताहिक चलता चक्र की रिपोर्ट
कन्नौद (डेस्क) - उपवन अधिकारी श्री शंकरलाल यादव द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला वन मंडल अधिकारी के निर्देश पर मेरे मार्गदर्शन में खातेगांव के वन परीक्षेत्र अधिकारी वंदना ठाकुर और उनके वन कर्मचारियों के साथ मचवास चौकी के पास ग्राम चंद्रपुरा में दी गई दबिश में तीन आईशर भरकर भारी मात्रा में पीला सोना के नाम से जाना जाने वाला बहु कीमती सागवान वृक्ष के फर्नीचर बनाने के उपकरण फर्नीचर के लिए तैयार किए गए साइज दरवाजों की जोड़ दरवाजे की चौखट दीवान आदि सामान जप्त करने में वन विभाग ने सफलता प्राप्त कि है। यह स्मरण रहे जिस क्षेत्र से यह जब्ती की कार्यवाही की गई है उसी क्षेत्र में कल साप्ताहिक चलता चक्र के प्रधान संपादक तथा नवभारत के प्रतिनिधि श्री महेश साहू ने आसपास के जंगलों के भारी विनाश का वीडियो बना कर लाए थे उसकी जानकारी वन विभाग तक पहुंच चुकी थी ।हमने जंगल मैं घुमकर जब देखा तो आंखें फटी की फटी रह गई कई किलोमीटर तक सघन घने जंगलों की जगह खाली मैदान दिखाई दे रहे थे ।वन विनाश के सबूत मिटाने के लिए सांगवान बृक्षो के थूट जला दिया गया वन विनाश का भयावह नजारा हमने अपने अपने केमरे मैं कैद कर लाए थे इस बात को लेकर वन अधिकारी को जानकारी मिल गई थी उसी का परिणाम है शुक्रवार सुबह से वन अधिकारियो को मुखबिर की खबर पर वन विनाश के जिम्मेदार अधिकारियों को दबिश देने भेजा जहां से एक नहीं दो नहीं तीन आईशर भरकर फर्नीचर और उसके साथ फर्नीचर बनाने के औजार मशीनें और भारी मात्रा में फर्नीचर बनाने के साइज बलम लेने जंप्त करने में सफलता प्राप्त कि है। समाचार लिखे जाने तक वन विभाग का अमला जब तक की गई लकड़ी का गुणा भाग करने में लगा हुआ है बाजार में जप्त किए गए लकड़ी तथा फर्नीचर की कीमत लाखों रुपए में आंकी जा रही है। वन विभाग ने जब से चार दैनिक वेतन भोगी श्रमिको को निकाला है जब से इनकी पोल मिडिया से लेकर उच्च अधिकारियों तक पहुंच रही है उनकी बद्दुआ का परिणाम है जो एक ही स्थान से लाखों रुपए किमत की चिरान और फर्नीचर जप्त हो रहे हैं यह आरोपी रामदिन कितने साल से वन विनाश कर रहा था इसके पैर इन्दौर,आष्टा,सिहोर,कन्नौद, खातेगांव सहित अनेक शहरी में माल सप्लाय करता था इसकी जांच उच्च स्तर पर इसके घर से डायरी जप्त कर करना चाहिए जिसमें वन विभाग के मिलीभगत वन अम्लों के नाम लिखे मिल सकते हैं ।इसी के साथ अभी और इस क्षैत्र में मगरमच्छ तस्कर जिनका संबंध उच्च स्तर तक बना हुआ है जिसकी जांच राज्य स्तर की की जाय वन अधिकारीयों को छोड़कर किसी आई एस अधिकारी इसकी जांच करें तो यह मामला लाखों से हटकर करोड़ों रुपए मैं जायेगा जिसमें वन रक्षक ही भक्षक निकलेंगे।
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