भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में आयुष्मान योजना के हुई गड़बड़ी को लेकर सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने विधानसभा में मिले स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के के आधार पर आरोप लगाया है कि कोरोना काल में आयुष्मान योजना के पैसों को लेकर जमकर भ्रष्टाचार हुआ है. हालांकि इसे सरकार के मंत्रियों ने निराधार बताया है. जयवर्धन सिंह ने 20 मार्च 2020 से अबतक योजना के तहत अस्पतालों को दिये गए पैसे और अनियमितताओं पर सवाल किया था.
कांग्रेस जुटा रही है भ्रष्टाचार की जानकारी
आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हिए कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा बीजेपी के दलालों के माध्यम से फर्जीवाड़ा कराया गया है. ढाई साल में 16 हज़ार करोड रुपए खर्च हुए. इस बात को सरकार ने खुद माना है. कई अस्पताल नाम के थे, जिन्होंने सिर्फ पैसा इकट्ठा किया. कांग्रेस विधायक ने कहा भ्रष्टाचार की पूरी जानकारी हम जुटा रहे हैं.
स्वास्थ्य विभाग ने किया जवाब दिया
आयुष्मान योजना के तहत मध्य प्रदेश में 154 अस्पतालों में गड़बड़ी की बात सामने आई है. खुद स्वास्थ्य विभाग ने माना कि आयुष्मान योजना में अस्पतालों ने गड़बड़ी की है. इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की और से विधानसभा लिखित जवाब दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग के जवाब के अनुसार...
- - मार्च 2020 से दिसंबर 2022 तक आयुष्मान योजना के तहत मरीजों कुल 16 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए
- - इस दौरान प्रदेश के 52 जिलों में 516589 मरीजों का इलाज किया गया
कांग्रेस लगा रहा बिना तथ्यों के आरोप
आयुष्मान में फर्जीवाड़े को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा सभी आरोप निराधार हैं. मंत्री प्रभुराम चौधरी ने कहा कि योजना के तहत 22 लाख मरीजों का इलाज हुआ है. आयुष्मान के कामों के लिए केंद्र की ऑथॉरिटी ने हमें सम्मानित तक किया है. उन्होंने दावा किया कि प्रदेशभर में योजना के तहत फ्री ऑफ कॉस्ट इलाज उपलब्ध है. आयुष्मान योजना में गड़बड़ी को लेकर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कहीं कोई दिक्कत आती है तो सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई करती है. हमारी सरकार में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं. कांग्रेस के आरोपों पर उन्होंने कहा बिना तथ्य के विपक्ष आरोप लगाती है. कहीं गड़बड़ी हुई तो सरकार ने ही उसे पकड़ा है.
Comments
Post a Comment