शेरगुना जंगल से हरे-भरे सागौन वृक्षों की कटाई
वनकर्मचारियों ने तीन आरोपियों को पकड़ा, तीन फरार
देवास जिला मध्यप्रदेश का सबसे घना वन क्षैत्र रहा है जहां अनगिनत जानवरों से लेकर बहूउपयोगी औषधी ,पीला सोने से ख्यात सागौन वृक्षों से भरा पड़ा जंगल अव विरान खुले मैदान में बदलता जा रहा है। इसके मुख्य दो कारण रक्षक ही भक्षक बने और दुसरा वन क्षैत्र के लोगों का वन सुरक्षा की ओर ध्यान नहीं। इससे धीरे-धीरे क्षेत्र के वनों में भारी मात्रा में अवैध रूप से हरे भरे वृक्षों की कटाई शुरू हो गई। मीडिया के माध्यम से अनेक बार प्रशासन का इस ओर ध्यान आकर्षित कराने का प्रयास किया जब जब मीडिया ने वन विभाग को लेकर समाचार लगाना शुरू किए तब तब क्षेत्र के वनधिकारी अपने दफ्तर को छोड़कर जंगल की ओर दौड़ लगाने लगे ।अपने अधीनस्थ अधिकारी और कर्मचारियों को वन सुरक्षा का पाठ पढ़ाने लगे उसी का परिणाम पिछले 2 सप्ताह में 4 से अधिक स्थानों पर दबिश देकर हजारों लाखो रुपए की इमारती लकड़ी जप्त के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हुआ है।
देवास (डेस्क) - देवास स्थानीय वन विभाग के प्रेस नोट के अनुसार कन्नौद वन परीक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम शैरगुना से लगे हुए जंगल में हरे भरे सागवान के वृक्षों की कटाई कर ले जा रहे एक युवक को वन विभाग के अमले ने रोककर कढ़ाई के साथ पूछताछ करने पर जो बात सामने आई है उससे प्रतीत होता है इस क्षेत्र में पहले से हरे वाले सागवान वृक्षों की कटाई का काम खुलेआम चल रहा था इस कक्ष का जिम्मेदार वन कर्मी आरोपियों से मिलकर रिश्वत लेता रहा है यह बात हम नहीं वन विभाग के द्वारा मौके से जप्त करते समय जो वीडियो बनाया है उसमे आरोपियों ने जो बात कही है उससे स्पष्ट होता है वन विभाग के इस कक्ष में बहुत पहले से हरे भरे सागवान वृक्षों की कटाई का काम चल रहा था।
प्राप्त समाचार में वन विभाग ने जो प्रेस नोट जारी किया उसके अंतर्गत ग्राम सेरगुना के पास सागौन वृक्ष काट कर ले जा रहे हैं लकड़ी चोर को पकड़ा आरोपियों के कब्जे से बाइक भी जप्त कि गई कक्ष क्रमांक 283 एवं 284 की सीमा के पास छोटी तलाई के पास टीम ने अनिल पिता रामू मालवीय एवं विजय पिता रंगलाल निवासी शेर गुना को बाइक से लकड़ी ले जाते देखा बनकरमी में सचिन बमुरिया एवं दिनेश मोरे ने रोका तो मौके पर मोटरसाइकिल से कूदकर विजय भाग निकला किंतु अनिल को नई मोटरसाइकिल के साथ मौके पर ही धर दबोचा जब उसको कार्यालय में लाकर पूछताछ की गई और जो राज खुलकर सामने आया वह यही दर्शाता है इस कक्ष से बहुत पहले से लकड़ी काटने का काम चल रहा था अपराधी इतने बेफिक्र हो गए थे कि अपराध करने के लिए ट्रैक्टर आदि बड़े वाहनों का उपयोग कर जंगल से बहुत कीमती लकड़ियां लाने का काम कर रहे थे। आरोपी से शक्ति के साथ जब पूछताछ की गई तो उसने जो रहस्य खुला उसमें सभी बातों का खुलासा करते हुए अन्य जो अपराधी मौके पर नहीं थे उनके नाम भी पूछताछ के अंतर्गत बताए गए जिसमें लोकेश, हेमराज पिता रेवाराम आबूल, शरीफ पिता राशद खान निवासी कन्नौद के नाम आरोपी ने उजागर किए। एसडीओ श्री शंकर लाल यादव ने वन क्षेत्र के नुकसान का जायजा लेने के बाद कार्यालय में आरोपियों से जो शक्ति के साथ पूछताछ करने के बाद गीली लकड़ी के लठ्ठे लगभग 19,2,306घन मीटर जिनकी किमत 88 हजार 89 रूपये एवं साठ हजार की मोटरसाइकिल जप्त की गई। आरोपीयों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 एवं 41 जैव विविधता अधिनियम 2002 की धारा दो 3 ,7 , 55 (3) 56,57 एवं लोक संपत्ति विरूपण निरोधक अधिनियम 1984 की धारा 234 के तहत प्रकरण कायम कर तीन आरोपी हेमराज आबुल एवं शरीफ जो फरार बताए गए हैं उनकी तलाश करना शुरू कर दिया है। आला अधिकारी ने मौके की जांच में कक्ष क्रमांक 283 एवं 284 में कुल 6 ताजा हरे भरे सागवान वृक्ष कांटे पाए गए की रिपोर्ट जारी कि है । डिप्टी रेंजर राजेश मालवीय बीट गार्ड सचिन ् भामोरिया दिनेश मोहरी हरिओम यादव पवन यादव पप्पूसिह जामले संतोष बालवीर राधेश्याम नरगावे सरदार सोलंकी सुरक्षा श्रमिक गुरु पठान वाहन चालक मानपुर अधिकार इस कार्रवाई में विशेष सहयोग रहा। कुछ पत्रकारों ने वन विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट को उसी रूप में समाचार बनाकर प्रकाशित किया है।
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