बडवाह (निप्र) - प्रकृति को करीब से जानने और वन्यप्राणियों की जीवनशैली को समझने का सबसे सुलभ माध्यम है वन क्षेत्र. विद्यार्थियों को प्रकृति और वन्य प्राणियों को गहरे से समझने के लिए वन भ्रमण जैसे कार्यक्रम आयोजित किये जाते रहे है.इस श्रुंखला में खंडवा के महाविध्यालायीन छात्रों ने बडवाह वन क्षेत्र का भ्रमण किया सुबह करीब 7 बजे से विद्यार्थियों के दल ने वन क्षेत्र का भ्रमण शुरू किया। इस दौरान उन्होंने जयंती माता क्षेत्र में वन विभाग की ओर से बनाए नेचर ट्रेल को देखा। करीब डेढ़ किमी लंबे इस नेचर ट्रेल पर वन्य प्राणियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान विद्यार्थियों को यहां पाए जाने वाले अलग-अलग तरह के पौधों को देखा। इस दौरान रेंजर डीएस राठौड़ ने पक्षियों की अलग-अलग प्रजाति के बारे में छात्र-छात्राओं को बताया। इसके साथ ही वन विभाग ने मप्र की राजकीय मछली का दर्जा प्राप्त महाशीर के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी देखा। वन विभाग की नर्सरी में बनाए गए महाशीर संरक्षण और संवर्धन केंद्र में इस भ्रमण कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने महोदरी झरने के नैसर्गिक सौन्दर्य का लुत्फ भी उठाया।
सोसायटी फॉर एनिमल वेलफेयर के टोनी शर्मा ने विद्यार्थियों के दल को सांपों की विभिन्न प्रजातियों के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई सांप विषैले तो कुछ विषहीन होते है। वे आगे रहकर किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते। यदि सांप कहीं दिखे तो उसको मारने के बजाय वन विभाग को उसकी जानकारी दे। सांप को मारना भी वन्य प्राणी अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। इस दौरान टोनी ने विद्यार्थियों को सांपों को बिना नुकसान पहुंचाए रेक्स्यू करने का तरीका भी बताया। शाम करीब 4 बजे भ्रमण समाप्त हुआ।इस दौरान सोसायटी फोन एनिमल एंड वेलफेयर के टोनी शर्मा, अजय जैन और वनकर्मी राजू सुल्या, जयसिंह सोलंकी मौजूद रहे।
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