मुरैना में वन विभाग की टीम को रेत माफिया के गुर्गों ने घेरा, पथराव-फायरिंग की; तीन गाड़ियों के कांच तोड़े
मुरैना (डेस्क) - मुरैना में रेत माफिया के हौसले बुलंद हैं। यह माफिया चंबल के रेत का दिन-रात खनन कर रहे हैं। इसको रोकने के लिए वन विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन ने कई बार कोशिश की, लेकिन खास सफलता हाथ नहीं लगी। बीते दिन विभाग के अधिकारियों को खबर लगी कि चंबल के टेंटरा थानांतर्गत बरेठा घाट पर लोडर मशीन से रेत का खनन किया जा रहा है। सूचना पाते ही तीन गाड़ियों में भरकर विभाग के अधिकारी और फॉरेस्ट गार्ड मौके पर पहुंचे। उन्होंने रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रेत भरने वाली लोडर मशीन जब्त कर ली। लोडर जब्त करने पर माफिया के लोग एकत्रित हो गए और उन्होंने टीम के सदस्यों पर फायरिंग करना शुरू कर दिया। फायरिंग होते देख टीम के सदस्यों ने भी जवाबी फायरिंग की। जवाबी फायरिंग से माफिया के पैर उखड़ गए तथा उन्होंने पत्थर फेंकना शुरु कर दिया। पत्थर से कई वन रक्षकों के चोट आईं तथा टीम के साथ गई तीन गाड़ियों के कांच टूट गए। इस घटना के बाद वन अमला टेंटरा थाने पहुंचा तथा उसने माफिया व उसके लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इसके साथ ही पुलिस से मदद भी मांगी है कि आगे जो भी कार्रवाई की जाएगी उसमें पुलिस को मदद देना होगी।पुलिस के मुताबिक इस हमले में स्थानीय गांव वालों की भी मिली भगत शामिल है। वे लोग इन लोगों से मिले रहते हैं। उनकी मिलीभगत से ही दिन रात अवैध रेत खनन किया जा रहा है।
इससे पहले भी लगभग 6 माह पूर्व रिठौरा थानार्न्तगत शनिश्चरा क्षेत्र में पत्थर की खदानों से अवैध खनन करने गई वन टीम पर भी माफिया के लोगों ने हमला किया था। हमले के दौरान वन टीम ने उनकी खनन करने वाली बड़ी मशीन जब्त कर ली थी। लेकिन माफिया के लोगों ने लगभग 70 गोलियां चलाई तथा वह मशीन छुड़ा ली थी। अन्त में माफिया के आगे वन विभाग की टीम के पैर उखड़ गए थे तथा टीम ने रिठौरा थाना प्रभारी संजय किरार से मदद मांगी थी लेकिन उन्होंने मदद नहीं की थी। बाद में इस बात भी खुलासा टीम के सदस्यों ने किया था कि पुलिस की मिलीभगत से अवैध खनन का काम चल रहा था।
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