देवास (निप्र) - कलेक्टोरेट कार्यालय के सभाकक्ष में मंगलवार को जनसुनवाई हंगामेदार रही। एक व्यक्ति जनसुनवाई में समस्या बताने आया भीड़ ज्यादा होने से उसे लगा कलेक्टर से बात नहीं होगी और हताश हाेकर कलेक्टर से मिलने से पहले जहरीला पदार्थ खा लिया। जहर खाने की सूचना मिलते ही कलेक्टर ऋषव गुप्ता सहित अन्य अधिकारियाें में हड़कंप मच गया। अरुण साेनी निवासी बराेठा हाल मुकाम प्रेमनगर पार्ट-2 ने चूहा मार दवा खा ली थी, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। जहर खाने से पहले अरुण ने मीडिया से चर्चा कर कहने लगा, मैं देवास के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक निजी कंपनी में लाेडिंग और चाय पिलाने का काम करता था। 24 फरवरी 2022 काे अधिकारियों को चाय पिलाने के लिए गया था। अधिकारी बायलर के पास बैठे थे जहां पर अचानक से मेरा पैर बायलर की राख पर रखाया और गुठने तक जल गया था। पैर की स्थिति देख कंपनी अधिकारियाें ने कहा था कि अस्पताल में कंपनी का नाम मत लेना, कहना घर पर जल गया हम सारा खर्चा देंगे। उनकी बाताें में आकर मैंने घर पर पैर जलने का कहा था।
कंपनी से पगार भी नहीं मिल रही और काम पर नहीं बुला रहे, रिश्तेदारों से उधार लेकर इलाज कराया
उन्होंने अलग-अलग करीब 70 हजार भी दिए, लेकिन उपचार में 1 लाख से ज्यादा खर्च हाे गया। काम भी नहीं कर पा रहा हूं। रिश्तेदारों से उधार लेकर इलाज कराया और खर्चा भी उनसे लेकर चला रहा हूं। कंपनी से पगार भी नहीं मिल रही और काम पर नहीं बुला रहे। तीन बच्चे हैं बड़ी बेटी की कोचिंग बंद करना पड़ी, छोटे बेटे ने इस साल 10वीं पास की पैसा नहीं हाेने से हम 11वी में एडमिशन नहीं करा सके। रात में दर्द के कारण सो नहीं पाता हूं। एक महहीने पहले कलेक्टर कार्यालय, श्रम विभाग व सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। परेशान हाेकर चूहा मार दवा खा ली है। सल्फास लेने गया था, लेकिन मिली नहीं। अधिकारियाें के अनुसार औद्योगिक हेल्थ एंड सेफ्टी में केस चल रहा है जो मुआवजा तय होगा दिया जाएगा।
जिला अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई थीं गलत इंजेक्शन से मेरे दोनों पैर सुन्न हाेकर अपाहिज हो गई हूं
जहर खाने वाला मामला शांत भी नहीं हुआ था कि कुछ ही देर में दूसरा हंगामा गिरिजा कुमावत ने आते ही शुरू कर दिया। महिला ने ऑपरेशन के दाैरान लगाए इंजेक्शन से पीठ के नीचे का शरीर सुन्न हाेने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की गई। महिला ने कलेक्टर से ही तीखे तेवर में बात की और आश्वासन के बाद मानी। टांगा टोली करके लाए पति ने पत्नी काे कलेक्टर गुप्ता के सामने बैठा दिया। कलेक्टर काे समस्या बताई और वह आवेदन पढ़ने लगे। इसी बीच गिरिजा बोली मैं पिछले 5साल से परेशान हूं। 16 नबंवर 2017 काे जिला अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई थीं गलत इंजेक्शन से मेरे दोनों पैर सुन्न हाेकर अपाहिज हो गई हूं। उन डाॅक्टरों काे यहां बुलाओ, जिन्हाेंने मेरा उपचार किया था उन्हे सजा दीजिए। महिला हंगामा करने के साथ ही राेते हुए कलेक्टर को खरीखोटी सुनाने लगी। कुछ ही देर में कोतवाली टीआई महेन्द्रसिंह परमार, एसआई पवन यादव दो महिला आरक्षक लेकर पहुंचे। महिला को व्हील चेयर पर बैठाकर बाहर लेकर आने लगे तो उसने महिला आरक्षक नेहा सिंह के हाथ में काट लिया जिससे आरक्षक का हाथ चोटिल हो गया। एसडीएम प्रदीप सोनी और सीएमएचओ डाॅ. एमपी शर्मा ने विश्वास दिलाया आपका उपचार फ्री होगा। फीजियो थैरेपी की व्यवस्था जिला अस्पताल में हैं इसके बाद महिला काे एंबुलेंस में बैठाकर महिला आरक्षक साथ में ले गई।
Comments
Post a Comment