भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार जनता के बीच विश्वास खो चुकी है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है तो महंगाई से आमजन को कोई राहत नहीं मिल रही है। संविदा कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा रहा है। कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। सभी मोर्चे पर सरकार की असफलता साबित हो चुकी है। अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से सोमवार से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार के विरुद्ध आरोप पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। यह निर्णय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ की अध्यक्षता में रविवार को आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के श्यामला हिल्स स्थित बैठक में कमल नाथ ने कहा कि अब चुनाव के लिए एक साल से भी कम का समय बचा है। पूरी ताकत से मैदान में जुट जाओ। किसी तरह की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। बूथ, मंडलम और सेक्टर पर ध्यान दो। मतदाता सूची में भाजपा द्वारा गड़बड़ी कराए जाने की शिकायतें मिली हैं। इसे गंभीरता से लें और प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाता सूची का सत्यापन कराएं और जहां भी गड़बड़ी नजर आए, उसकी लिखित में शिकायत करें और निराकरण होने तक पीछे लगे रहें। यदि हमने यह काम अच्छे तरीके से कर लिया तो फिर यहां बैठेंगे।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव की जानकारी देते हुए कहा कि शिवराज सरकार के विरुद्ध विस्तृत आरोप पत्र तैयार कर लिया है। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान इस आरोप पत्र के माध्यम से भाजपा की जनविरोधी नीतियों को उजागर करेंगे। इस पर विधायक जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल और आरिफ मसूद ने कहा कि सरकार हर बार कोई न कोई बहाना करके विधानसभा की कार्यवाही समय से पहले समाप्त करने का षड्यंत्र करती है। डा. सिंह ने बताया कि यदि 23 सदस्य सदन में खड़े होकर प्रस्ताव का समर्थन करते हैं तो फिर नियमानुसार उस पर चर्चा कराई जाती है। सदन की बैठक देर शाम तक चलाई जाए। पार्टी के प्रदेश प्रभारी जयप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि सरकार को पूरी ताकत से बेनकाब करें। सदन में इस भूमिका को आप निभाएं और जमीन स्तर पर कार्यकर्ता इस कार्य को करेंगे।
बैठक के बाद पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और तरुण भनोत ने कहा कि सरकार एक नहीं कई घोटालों से घिरी हुई है। किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। विधानसभा में कांग्रेस समाज के हर वर्ग की समस्या को पूरी ताकत से उठाएगी। यदि विधानसभा सत्र को नियमों के मुताबिक नहीं चलाया गया तो कांग्रेस का हर विधायक लोकतांत्रिक विकल्प का प्रयोग करने के लिए स्वतंत्र हैं। बैठक में निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी सहित अधिकतर विधायक उपस्थित थे।
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