भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्य प्रदेश कुलपतियों के पदनाम को लेकर बड़ा बदलाव करने जा रहा है. एमपी में कुलपति अब कुलगुरु कहलाएंगे. इस प्रस्ताव को मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट में रखा जाएगा. राज्य शासन की अनुमति के लिए प्रस्ताव को कैबिनेट में भेजा जाएगा. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में रखा जाएगा. विधानसभा से मंजूरी मिलते ही मध्य प्रदेश में कुलपति कुलगुरु कहलाने लगेंगे.मध्यप्रदेश में कुलपतियों को कुलगुरु पद नाम दिए जाने को लेकर 4 महीने पहले ही रूपरेखा तैयार हुई थी. उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने कहा था कि यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर को प्राचीन भारतीय परंपरा के मुताबिक “कुलगुरु” नाम दिया जाए. कुलपति शब्द किसी स्थिति में भी खराब लगता है, जब किसी विश्वविद्यालय में महिला कुलपति पद पर होती है. हमारे यहां विश्वविद्यालय में जो कुलपति शब्द इस्तेमाल होता है तो कई विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सुझाव आए कि नाम बदलना चाहिए. कुलपतियों से ही सुझाव आए कि कुलगुरु नाम होना चाहिए. हमारे यहां गुरु शिष्य की प्राचीन परंपरा है तो कुलपति का अगर कुलगुरु संबंधित पदनाम होगा तो ज्यादा अच्छा होगा, तभी से संबंधित एक्ट को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी.
राजभवन में राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक
राज्यपाल की अध्यक्षता में कुलपति के कुलगुरु पदनाम को लेकर राजभवन में बैठक हुई. कुलगुरु पदनाम के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव के प्रस्ताव को समन्वय समिति ने सर्वानुमति से पारित किया है. राज्यपाल और कुलाधिपति मंगु भाई पटेल ने बैठक की अध्यक्षता की. कुलपति के कुलगुरु पदनाम को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का कहना है कि पदनाम को लेकर समन्वय समिति की बैठक हुई है. बैठक में सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति शामिल हुए. सभी निर्णयों को समन्वय समिति में रखा गया है.कुलपतियों के कुलगुरु पदनाम देने को राज्यपाल ने प्रस्ताव को पारित किया है भविष्य की दृष्टि से कुलपतियों को कुलगुरु बोला जाए. कुलपति पदनाम को लेकर हमेशा मजाक बनाया जाता है दूसरे राज्यों में कुलपति को कुलगुरु बोला जाता है, इस प्रस्ताव को अब कैबिनेट में रखा जाएगा.
Comments
Post a Comment