- मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से होगा शुरू.
- शिवराज सिंह चौहान सरकार के खिलाफ अविश्ववास प्रस्ताव लाएगी कांग्रेस.
- सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में कांग्रेस.
भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में सोमवार से यानी आज से विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है. यह सत्र आज 19 दिसंबर से शुरू होगा और 23 दिसंबर तक चलेगा. सत्र को लेकर रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई. पांच दिवसीय सत्र में सदन की पांच बैठके होंगी. माना जा रहा है कि सत्र बेहद हंगामेदार रहने की संभावना है. विपक्षी दल कांग्रेस इस सत्र में शिवराज सिंह चौहान सरकार के खिलाफ अविश्ववास प्रस्ताव लाने को तैयार है. इसके अलावा 2023 में यहां विधानसभा के चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेरने के भी संकेत दिए हैं. कांग्रेस की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने रविवार को अपने आवास पर विधायकों के साथ बैठक की. उन्होंने इस दौरान विधायकों से कहा कि हर मोर्चे पर विफल रही भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा. कांग्रेस पहले ही अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए विधानसभा सचिवालय को नोटिस दे चुकी है. मालूम हो कि विधानसभा के 230 सदस्य में सत्तारूढ़ भाजपा के पास 127 विधायक है. वहीं कांग्रेस के पास 96 विधायक हैं.
ABP के अनुसार विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह के मुताबिक शीतकालीन सत्र की अधिसूचना जारी होने के बाद से अब तक विधानसभा सचिवालय को तारांकित 794 एवं अतारांकित 712 कुल 1506 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं. वहीं ध्यानाकर्षण की बात करें तो 211, स्थगन के पांच प्रस्ताव आए हैं. इसके अलावा अशासकीय संकल्प के 16 और शून्यकाल के 67 सूचनाएं आई हैं. इसके साथ ही चार विधेयक भी विधानसभा सचिवालय को मिले है वहीं नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार के खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया गया है. अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस इस आरोप पत्र के जरिए सरकार की नीतियों पर निशाना साधेगी. इसके साथ ही कांग्रेस महंगाई, खराब कानून व्यवस्था, किसानों की बदहाली, बेरोजगारी, शिक्षा, भ्रष्टाचार आदि के मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी.
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