राजगढ़ में आईडी के दुरुपयोग का मामला
राजगढ़ (निप्र) - बैंककर्मी का शव तालाब में मिलने के बाद मामला गरमा गया है। मृतक के परिजनों ने सुसाइड नोट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर चक्काजाम किया। मामला सहकारी बैंक जीरापुर का है। यहां एक बैंक कर्मी प्रदीप राणा ने सुसाइड कर लिया है। दो साल पहले 2020 में ही उसे उसके पिता की मौत होने पर अनुकम्पा नौकरी मिली थी। कुछ दिन बाद ही उस पर 15 लाख रुपये के गबन का आरोप लगा। प्रदीप राणा ने सात लाख रुपये से अधिक की राशि जमा करा दी थी। इसके बाद भी उसे बैंक से नोटिस मिल रहे थे। इससे डिप्रेशन में आकर राणा ने सुसाइड नोट लिखा और तालाब में छलांग लगा दी। दूसरे दिन मृतक का शव मिला। जेब से दो सुसाइड नोट मिले हैं। इसमें प्रदीप ने लिखा कि बैंक के कम्प्यूटर ऑपरेटर रवि सोजनिया ने उसकी आईडी का दुरुपयोग करते हुए गबन किया है। दूसरे सुसाइड नोट में अपनी अन्नू दीदी की शादी किसी भी कीमत पर नहीं रोकना, चाहे मैं मर भी जाऊं सहित कई बातें लिखी हैं। प्रदीप राणा का शव तालाब में मिलने के बाद और सुसाइड नोट की बरामदगी के बाद मृतक के परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर खिलचीपुर में चक्काजाम किया। करीब आधा घंटे चक्काजाम के बाद जिला पुलिस अधीक्षक अवधेश गोस्वामी के फोन पर मिले आश्वासन के बाद चक्काजाम समाप्त किया गया। उसके बाद परिजन मृतक के पोस्टमार्टम को तैयार हुए। अंतिम संस्कार के लिए परिजन अभी भी तैयार नहीं है।
राणा का शव अभी भी खिलचीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा है। बैंक के अधिकारी सिरोठिया का कहना है कि आठ लोगों को नोटिस दिए थे। सात ने राशि जमा कर दी थी। उसमें प्रदीप राणा भी शामिल है। खिलचीपुर पुलिस थाना प्रभारी रवींद्र चावरिया ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जैसे-जैसे साक्ष्य आएंगे, वैसे कार्रवाई होगी।
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