बुरहानपुर (ब्यूरो) - अवैध रूप से देसी पिस्टलों के निर्माण और तस्करी के लिए कुख्यात पाचोरी गांव के सिकलीगरों ने पुलिस की लगातार कार्रवाई और समझाइश के बाद भी अवैध हथियारों का निर्माण करना बंद नहीं किया है। सोमवार सुबह पुलिस ने फिर पाचोरी से अवैध हथियारों की तस्करी करते छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। खकनार थाना पुलिस ने उनके कब्जे से छह देसी पिस्टल भी बरामद की हैं। अवैध हथियार बनाकर बेचने वाला सिकलीगर व एक अन्य आरोपित फरार होने में सफल रहे। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा ने बताया कि खकनार थाना प्रभारी संजय पाठक को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पाचोरी से खकनार की ओर तस्कर हथियारों के साथ आ रहे हैं। पुलिस टीम ने पांगरी मार्ग के माता नदी पुल के पास उन्हें दबोच लिया। आरोपितों ने पूछताछ में बताया है कि वे पाचोरी से आठ से दस हजार में पिस्टल खरीद कर उसे बाहर बीस से पच्चीस हजार रुपये में बेच देते थे। सोमवार शाम को आरोपितों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
दो महाराष्ट्र के आरोपित
पुलिस अवैध हथियारों के साथ जिन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, उनमें दो महाराष्ट्र राज्य के अमरावती जिले के रहने वाले हैं। इनमें मोहन बंजारा निवासी नांदगांव खेडेश्वर महाराष्ट्र, संगमेश्वर उर्फ संगम सरकाड़े निवासी गोरी नगर अमरावती, प्रतीक मराठा निवासी जामनिया खकनार, बलिराम भिलाला निवासी जामनिया खकनार, दानिश उर्फ शाकिर मेनन निवासी संजय नगर नेपानगर, शेख सोहेल निवासी संजय नगर नेपानगर शामिल हैं। सिकलीगर नानक सिंह और बराड़ सिंह निवासी पाचोरी फरार हैं। आरोपितों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी खकनार संजय पाठक, सहायक उप निरीक्षक अमित हनोतिया, प्रधान आरक्षक राजकुमार वर्मा, आरक्षक अक्षय, विजय, शादाब, गोलू सोनी की विशेष भूमिका रही है।
छह माह में तीस से ज्यादा पिस्टल बरामद
अवैध हथियारों के खिलाफ बीते छह माह में पुलिस ने अब तक की सबसे ज्यादा कार्रवाई की है। बीते करीब साढ़े छह माह में पुलिस ने पाचोरी गांव में बनी तीस से ज्यादा पिस्टल बरामद की हैं। यहां बनी पिस्टलों की गुणवत्ता अच्छी और दाम कम होने के कारण ये उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, पंजाब सहित देश के कई राज्यों में हाथों हाथ बिक जाती हैं। इससे पहले हरिणा पुलिस ने पाचोरी से हथियार बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी। यूपी और बिहार में भी पाचोरी की बनी पिस्टलें पकड़ी जा चुकी हैं।
Comments
Post a Comment