खातेगांव/नेमावर/कन्नौद (मधुर अग्रवाल) - मुख्यमंत्री के दौरे की आहट से जिले से लेकर खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के अधिकारी और कर्मचारी जाग उठे सड़क के गड्ढे रात दिन कर मल्हम पट्टी कर थोड़े समय की राहत वाहन चालकों को मिल गई वहीं सरकारी भवन जिसपर मुख्यमंत्री की निगाहें पड़ती उनके जाले झटक गये रंग रोगन होने लगे । कर्मचारी अधिकारी दफ्तर की कुर्सी पर दिखने लगे गोपालपुर से लेकर मुख्यमंत्री के रोड शो तक के मास्टर सहाब समय के पावंद होकर स्कूल खोलने और बच्चों को पाठ पढ़ाने लगे कोई अधिकारी या मंत्री आये तो कैसे जबाव देना है ।हर बच्चे को स्कूल आना अनिवार्य है। बच्चों को ज्ञान के दो शब्दों की प्राप्ति होने लगी। स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आया जो कमी है उसको पूरा करने की कोशिश में लगा है ।इस तरह से स्थानीय प्रशासन मंत्री , संत्री की डांट सजा से बचने की कवायद कर रहा है। जिस अधिकारी या कर्मचारी को भय है हमारी शिकायत मुख्यमंत्री से होगी वह शिकायतकर्ता की चरण वंदना कर रहा है ।इससे मुख्यमंत्री जी हर माह इस क्षैत्र में आये तो बहुत कुछ शिकायत, लापरवाही,कामचोरी लूट खसोट से आम व्यक्ति को राहत मिलेगी।जिला कलेक्टर महीने में एक बार इस क्षैत्र के अधिकारियों की क्लास लगाकर तावीज भरेंगे। इसी तरह मुख्यमंत्री जंगल में घूम जाय तो जंगल भी मंगल हो जाए क्या कोई मुख्यमंत्री जी को जंगल की दुर्दशा दिखाने की हिम्मत करेगा।
उज्जैन (ब्यूरो) - एनसीपी नेता व महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या में शामिल एक आरोपी की तलाश में मुंबई पुलिस की टीम मध्यप्रदेश पहुंची है। पुलिस ने अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। हत्या में और लोगों के शामिल होने का संदेह है। एक पुलिस अधिकारी ने मुताबिक, मुंबई पुलिस की एक टीम मध्यप्रदेश पुलिस के साथ मिलकर आरोपी शिवकुमार गौतम उर्फ शिवा (जो उत्तर प्रदेश के बहराइच का रहने वाला है) की तलाश कर रही है। ऐसी आशंका है कि वह मध्यप्रदेश में छिपा हो सकता है और उसे मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले और ओंकारेश्वर (खंडवा) में खोजा जा रहा है। रविवार शाम 7:30 बजे तक किसी का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने दावा किया कि संदिग्ध आरोपी संभवत: लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। दो आरोपी गिरफ्तार क्राइम ब्रांच अधिकारी ने रविवार शाम को मुंबई में मीडिया को बताया, मुंबई पुलिस ने 15 टीमें गठित की हैं, जिन्हें महाराष्ट्र से बाहर भेजा गया है और यह पता लगाने के लिए जांच जारी है कि शूटरों को किसने रसद सहायता प्रदान की? पुलिस ने अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों से दो पिस्तौल और 28 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं...
Comments
Post a Comment