केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को प्रदेश में मिली बड़ी जिम्मेदारी, प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति संयोजक नियुक्त
भोपाल (स्टेट ब्यूरो) - मप्र विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने तैयारियां तेज कर दी हैं, पार्टी संगठन स्तर पर वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां सौंप रही हैं, पार्टी ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को मप्र विधानसभा चुनावों के लिए प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक नियुक्त किया हैं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज शनिवार 15 जुलाई को तोमर की नियुक्त का आदेश जारी किया। मप्र में विधानसभा चुनाव नवम्बर में प्रस्तावित हैं, हालाँकि अभी चुनाव आयोग ने तारीखों की घोषणा नहीं की है लेकिन भाजपा अभी से चुनावों को लेकर एक्टिव मोड में आ गई है, विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता बैठकें ले रहे हैं। जानकारी के मुताबिक बैठकों में प्रदेश के नेता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए फॉर्मैट पर चर्चा करेंगे। बैठक में केंद्रीय मंत्री एवं चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक मौजूद रहेंगे। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय पर्यावरण मंत्री एवं मध्य प्रदेश के चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव एवं केंद्रीय रेल मंत्री व प्रदेश सह चुनाव प्रभारी अश्विनी वैष्णव 15 से 17 जुलाई तक भोपाल प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान दोनों नेता भोपाल में आयोजित भाजपा की बैठकों व स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। शनिवार की बैठक में समितियों और विजय संकल्प अभियान पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
प्रदेश में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इस बार चुनाव में दिल्ली दरबार की भूमिका अहम होगी। इसलिए पार्टी ने मोदी-शाह के करीबी केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को प्रदेश में अहम जिम्मेदारी सौंपी है। केंद्रीय मंत्री तोमर को विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक बनाया गया है। तोमर को यह जिम्मेदारी सौंप कर भाजपा ने प्रदेश में कई समीकरण साधे हैं। एक तरफ तोमर के जहां सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ अच्छे संबंध हैं, दूसरी तरफ ग्वालियर चंबल संभाग में भी तोमर की अच्छी पकड़ है। संगठन के जानकार मानते हैं कि तोमर का प्रदेश में सभी नेताओं के साथ बेहतर तालमेल है।
फिर नजर आएगी शिवराज-तोमर की जोड़ी
मिशन 2023 को सफल बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को चुनाव प्रबंध समिति की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। तोमर वर्ष 2008 और 2013 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इन दोनों चुनावों में शिवराज और तोमर की जोड़ी ने शानदार परिणाम दिए थे। तोमर को संगठन में काम करने का भी लंबा अनुभव है। वे बयानबाजी से दूरी बनाकर रखते हैं और संगठन के लिए काम करने के लिए पहचाने जाते हैं। वे कई राज्यों में चुनावी प्रभारी की भूमिका भी निभा चुके हैं। तोमर प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक संगठन के विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। उनके पार्टी के क्षेत्रीय नेताओं से भी अच्छे संबंध हैं। हालांकि तोमर के सामने बड़ी चुनौतियां भी हैं। वे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से आते हैं और 2018 के विधानसभा चुनावों में यहां से भाजपा को निराशा हाथ लगी थी। जबकि कांग्रेस ने जबरदस्त बढ़त बनाई थी। ऐसे में भाजपा नेतृत्व के सामने प्रदर्शन को सुधारने और जीत हासिल करने के लिए संगठन में सामंजस्य बनाने की चुनौती है।
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