उज्जैन (निप्र) - उज्जैन में जोरदार बारिश हो रही है. रामघाट सहित कई मंदिर जलमग्न हो गए हैं. बडनगर से जोड़ने वाले छोटे पुल के ऊपर से क्षिप्रा नदी का पानी बह रहा है. प्रशासन ने अर्लट जारी करते हुए बैरिकेड लगाकर पुल पर से गुजरने के लिए सख्त मना किया है. जलस्तर बढ़ने पर निचली बस्ती में रहने वाले लोगों को भी शिफ्ट किया जा सकता है. लगातार 15 घंटे से अधिक समय से बारिश हो रही है. इस वजह से शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है. इंदौर और उज्जैन के आसपास के इलाकों में हुई तेज बारिश के बाद क्षिप्रा का जलस्तर भी बढ़ गया है. क्षिप्रा नदी के रामघाट सहित कई मंदिरों के भीतर पानी घुसने लगा है. जिला प्रशासन ने उज्जैन आने वाले श्रृद्धालुओं को नदी के घाटों पर जाने के लिए सख्त मना किया है. उधर बडनगर को जोड़ने वाला छोटा पुल भी जलमग्न हो गया है. निचली बस्ती में रहने वाले लोगों को प्रशासन ने अलर्ट कर दिया है. यदि इन बस्तियों में जलभराव की स्थिति बनती है, तो उन लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा.
कई इलाकों में जलभराव
उज्जैन और इंदौर जिले के कई इलाकों में रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश से उज्जैन में जलभराव हो गया है. इससे नई सड़क, इंदौर गेट, गदा पुलिया, एटलस चौराहा, केडी गेट से लेकर कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई है. वहीं क्षिप्रा नदी का जल स्तर भी लगातार बढ़ रहा है. क्षिप्रा नदी उफान पर है. रामघाट पर नदी का पानी मंदिरों तक पहुंच चुका है. श्रृद्धालुओं को नदी से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है.
छोटे पुल के दोनों तरफ बैरिकेड
होमगार्ड के जवान लगातार अनाउंसमेंट कर श्रद्धालुओं को क्षिप्रा नदी से दूर रहने की चेतावनी दे रहे हैं. इसके साथ ही अनहोनी से निपटने के लिए होमगार्ड के जवानों के साथ ही तैराक दल भी तैनात कर दिए गए हैं. ताकि आपतकालीन स्थिति बनने पर लोगों को बचाया जा सके. बड़नगर को जोड़ने वाले पुल के दोनों तरफ चेतावनी बोर्ड लगा दिए गए हैं.
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