इंदौर (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठा पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लग गया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि आयोग हमारी आंखों में धूल झोंक रहा है। मामला राज्य सेवा परीक्षा 2023, प्रारंभिक परीक्षा के तीन प्रश्नों का है। भोपाल के उम्मीदवार ने प्रश्नों को चुनौती दी है और आयोग की ओर से उच्च न्यायालय के समक्ष संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। भोपाल के अभ्यर्थी आनंद यादव ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा, 2023 के प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए तीन प्रश्नों को चुनौती दी है। यह प्रश्न फ्रीडम ऑफ प्रेस यानी पत्रकारिता की स्वतंत्रता से संबंधित हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुल तिवारी ने पक्ष रखा। मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय ने इस मामले में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर से जवाब मांगा था। एमपीपीएससी का जवाब संतोष जनक नहीं होने पर हाईकोर्ट ने विवादित प्रश्नों के संदर्भ में विशेषज्ञों की रिपोर्ट मांगी। गुरुवार को न्यायालय में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से विशेषज्ञों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट को देखते ही हाई कोर्ट के विद्वान न्यायाधीश नाराज हो गए। रिपोर्ट में विशेषज्ञों के नाम तक नहीं थे। पूरी रिपोर्ट में कोई कमेंट नहीं था। इस दौरान हाई कोर्ट की ओर से कहा गया कि आयोग हाईकोर्ट की आंखों में धूल झोंक रहा है। हाई कोर्ट ने लोक सेवा आयोग के सचिव कोर्ट रूम में हाजिर होने के आदेश दिए हैं। तारीख 12 मार्च 2024 घोषित की गई है।
उज्जैन (ब्यूरो) - एनसीपी नेता व महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या में शामिल एक आरोपी की तलाश में मुंबई पुलिस की टीम मध्यप्रदेश पहुंची है। पुलिस ने अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। हत्या में और लोगों के शामिल होने का संदेह है। एक पुलिस अधिकारी ने मुताबिक, मुंबई पुलिस की एक टीम मध्यप्रदेश पुलिस के साथ मिलकर आरोपी शिवकुमार गौतम उर्फ शिवा (जो उत्तर प्रदेश के बहराइच का रहने वाला है) की तलाश कर रही है। ऐसी आशंका है कि वह मध्यप्रदेश में छिपा हो सकता है और उसे मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले और ओंकारेश्वर (खंडवा) में खोजा जा रहा है। रविवार शाम 7:30 बजे तक किसी का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने दावा किया कि संदिग्ध आरोपी संभवत: लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। दो आरोपी गिरफ्तार क्राइम ब्रांच अधिकारी ने रविवार शाम को मुंबई में मीडिया को बताया, मुंबई पुलिस ने 15 टीमें गठित की हैं, जिन्हें महाराष्ट्र से बाहर भेजा गया है और यह पता लगाने के लिए जांच जारी है कि शूटरों को किसने रसद सहायता प्रदान की? पुलिस ने अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों से दो पिस्तौल और 28 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं...
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