भ्रामक जानकारी फैलाने पर आईटी एक्ट के तहत हो सकती है पीसीसी चीफ पर कार्यवाही, जबलपुर SP ने कही ये बात…
जबलपुर (ब्यूरो) - मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ सकती है। उसके खिलाफ सोशल मीडिया पर भ्रामक और झूठी खबर फैलाने के आरोप में आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है। जिस वायरल वीडियो को प्रदेश और जबलपुर शहर का बताया था वह न तो एमपी और न ही शहर का है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि जबलपुर के सभी थाना प्रभारियों से वीडियो की तस्दीक कराई है जिसमें जानकारी गलत निकली है। वीडियो वायरल करने के मामले में पोस्ट करने वालों पर भी कार्रवाई हो सकती है। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करने वालों की कुंडली खंगालेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के जिस ट्वीट को लेकर बवाल है, हालांकि बवाल मचने के बाद उन्होंने अपने ट्विटर को सुधार करके फिर से रिट्विट भी किया है। दरअसल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बिहार के एक मारपीट का वीडियो अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए यह बताया था कि यह वीडियो जबलपुर का है जिसमें उन्होंने जबलपुर के लॉ एंड ऑर्डर के साथ ही प्रदेश सरकार की नीति और नियति पर सवाल खड़ा किए थे। अब उस ट्विटर पर भाजपा के तमाम नेताओं ने पलटवार किया है जिसके बाद वे बैकफुट पर आ गए हैं।
जबलपुर एसपी ने भी किया ट्वीट
वहीं जबलपुर एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने भी जीतू पटवारी के ट्वीट के बाद विभाग से वीडियो की जांच के आदेश दिए। जांच में पाया गया कि वीडियो जबलपुर का और न ही मध्य प्रदेश का है। एसपी ने अपने ट्विटर हैंडल पर सफाई दी है। लिखा- जीतू पटवारी ने जिस वीडियो को जबलपुर का बताया था वह वहां का है ही नहीं।
यह पहला मौका नहीं
बता दें कि गलत तरीके से मुद्दे उठाने का यह पहला मौका नहीं है इसे पहले भी कांग्रेस के पदाधिकारियों ने ट्वीटर हैंडल से मध्य प्रदेश को लेकर सवाल उठाए हैं। इसे ठीक पहले कांग्रेस के ही एक नेता ने महाराष्ट्र के वीडियो को मध्य प्रदेश का बताकर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
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