बडवाह (निप्र) - गुरुवार को स्थानीय बस स्टैंड स्थित अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर जय टंट्याभील आदिवासी युवा संगठन सदस्यों सांकेतिक धरना देकर एसडीएम अगास्या को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. संगठन ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर चेतवानी भी दी की यदि मांगे नहीं मांगी गई तो उग्र आन्दोलन होगा. संगठन के राष्ट्रिय अध्यक्ष एवं संस्थापक सुनील सिरसाठे ने बताया कि समाज के कई व्यक्तियों द्वारा बार-बार शासकीय कार्यों में अधिकारीयों की अनदेखी की शिकायतें की जा रही थी. संगठन की बैठक में इस पर चर्चा कर प्रशासन को ज्ञापन देना तय किया गया. आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में प्रशासन द्वारा जिले के सबसे बड़े मतदाता समूह की अनदेखी पर संगठन को यह कदम उठाना पड़ा. ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से 10 मांगे की गई है जिनसे क्षेत्रवासियों को लम्बे समय से परेशानीयां झेलनी पड़ रही है. आदिवासी समाज के लिए संविधान में विशेषाधिकार है परन्तु अधिकारीयों की सुस्ती के चलते समाज को कई शासकीय सुविधाओ के आभाव में जीवन व्यापन करना पड़ रहा है. आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने पर भी बडवाह तहसील को अधिसूचित क्षेत्र में शामिल नहीं किया गया. जिससे पेसा एक्ट तथा 5वीं अनुसूची के अंतर्गत मिलने वाले लाभ समाज को नहीं मिल पाए. इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रिय अध्यक्ष एवं संस्थापक सुनील सिरसाठे, प्रदेश सचिव प्रेमलाल करझले, तहसील अध्यक्ष ललिता मेढ़ा एवं बड़ी संख्या में सामाजिक बंधू उपस्थित रहे.
संगठन द्वारा निम्न मांगे रखी गई
- ग्राम मुखत्यारा में मई 2023 से खंडित बाबा साहेब अम्बेडकर की मूर्ति के स्थान पर नविन मूर्ति 14 अप्रैल से पूर्व लगाई जाए.
- बडवाह के औद्योगिक क्षेत्र में आदिवासी आरक्षण के अनुसार भूमि आवंटित की जाए.
- तहसील के जनजातीय छात्रावासों में मीनू के अनुसार गुणवत्तायुक्त पोषक आहार प्रदान किया जाना सुनिश्चित किया जाए.
- शराब फेक्ट्रीयों से निकलने वाले गंदे पानी से जल स्त्रोत और आसपास के खेतिहर भूमि प्रदूषित हो रही है अत: इन फेक्ट्रीयों के लाइसेंस निरस्त किए जाए
- बडवाह शहर की बिगड़ी यातयात व्यवस्था के लिए एवं प्रेशर हॉर्न पर लगाम लगाने के लिए यातायात जवानों की नियुक्ति की जाए.
- ग्राम बडकीचौकी में खस्तहाल मार्ग और पेयजल की समस्या का शीघ्र निराकरण किया जाए
- प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता से कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के हितग्राही इस योजना के लाभ से वंचित है कुछ हितग्राहीयों के आवास अपूर्ण है. शीघ्रातिशीघ्र इस ओर ध्यान देकर लाभ दिया जाए
- तहसील के कई आदिवासी ग्रामों में नल-जल योजना के निर्माण अपूर्ण है ठेकेदार पर उचित कार्यवाही कर निर्माणों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए.
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