लालवानी, फिरोजिया को फिर मौका, बिसेन और दरबार का टिकट कटा, बंटी साहू देंगे नकुल को चुनौती
भोपाल (ब्यूरो) - भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को 72 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। इसमें मध्य प्रदेश की उन पांच सीटों पर प्रत्याशी शामिल हैं, जिन पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ था। पार्टी ने उज्जैन और इंदौर से मौजूदा सांसदों यानी अनिल फिरोजिया और शंकर लालवानी को फिर से टिकट दिया है। वहीं, धार से छतरसिंह दरबार का टिकट काटकर सावित्री ठाकुर को बालाघाट से ढाल सिंह बिसेन का टिकट काटकर डॉ. भारती पारधी को टिकट दिया है। छिंदवाड़ा में कमलनाथ से विधानसभा चुनाव हारे विवेक बंटी साहू को लोकसभा चुनावों में उनके बेटे नकुल नाथ के सामने उतारा है। 2019 के लोकसभा चुनावों में मध्य प्रदेश की 29 में से 28 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। सिर्फ छिंदवाड़ा सीट ही नकुलनाथ कांग्रेस को जिताने में कामयाब रहे थे। इस बार भी नकुलनाथ मैदान में हैं, जिन्हें विवेक बंटी साहू चुनौती देंगे। कांग्रेस की बात करें तो उसकी एक लिस्ट में दस नाम ही घोषित हुए हैं। वहीं, भाजपा अब तक सभी 29 सीटों के लिए प्रत्याशी तय कर चुकी है। भाजपा ने सात सांसदों को विधानसभा चुनावों में उतारा था। उनमें से पांच ने चुनाव जीता और अब उन्हें टिकट नहीं दिया गया है।
भाजपा ने आठ सांसदों के टिकट काटे
भाजपा ने पहली सूची में मध्य प्रदेश की 24 सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित किए थे। उसमें छह सांसदों के टिकट काटे गए थे। वहीं, पांच रिक्त सीटों पर नए चेहरे उतारे थे। पांच नामों की दूसरी सूची की बात करें तो दो सांसदों के टिकट काटे हैं। इसे मिलाकर पार्टी ने इस बार आठ सांसदों के टिकट काटे हैं और कुल 13 नए चेहरे चुनावों में उतारे हैं। छतरसिंह दरबार की बढ़ती उम्र और विधानसभा चुनावों में धार जिले में भाजपा का उम्मीद से कमतर प्रदर्शन उनका टिकट कटने की वजह बताया जा रहा है। उनके टिकट कटने को एंटी- इनकम्बेंसी के रूप में में भी देखा जा रहा है। इसी तरह बालाघाट सीट पर सांसद ढालसिंह बिसेन को लेकर जनता में नाराजगी थी और एंटी-इनकम्बेंसी भी बड़ी वजह थी। इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व नए चेहरे की तलाश में था।
पहली लिस्ट में कुल 33 सांसदों के टिकट कटे थे. 110 सांसदों को रिपीट किया गया था. दूसरी लिस्ट में 30 सांसदों के टिकट काटे गए और 30 सांसदों को दोबारा टिकट दिया गया. अभी तक बीजेपी 63 सांसदों के टिकट काट चुकी है. 140 सांसदों को रिपीट किया गया. भाजपा की पहली सूची में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देव को लोकसभा चुनाव के लिए टिकट दिया गया था. पहली सूची की तरह इस सूची में दो पूर्व मुख्यमंत्रियों को टिकट दिया गया है. 24 घंटे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने वाले मनोहर लाल खट्टर करनाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. इसी तरह उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत हरिद्वार लोकसभा सीट से मैदान में उतरेंगे. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई भी चुनाव लड़ेंगे. बोम्मई को हावेरी सीट से टिकट दिया गया है। 2019 में यहां से शिवकुमार उदासी जीते थे.
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