नीमच जिला राजस्थान की सीमा से लगा हुआ है, स्वभाविक है कि राजस्थान से अवैध तस्करी जैसे शराब और मादक पदार्थ की तस्करी बडे पैमाने पर होती है। नीमच जिले में कच्ची शराब बनाने की कई फैक्टरियां भी संचालित हो रही है। ऐसे अड्डों को चिन्हित कर पुलिस ने उन्हें नेस्तानाबूद करने के लिए बडी प्लानिंग की है। रविवार को जीरन पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने धामनिया पठारिया और चेनपुरा के जंगल में सर्चिंग अभियान चलाया। इस दौरान प्लास्टिक की कैन में बडी मात्रा में महुआ लहान मिला। इस कार्रवाई से हडकंप मच गया। कई लोग मौके से फरार हो गए। वहीं पुलिस ने दो तस्कर भारमल पिता रतनलाल मीणा उम्र 40 वर्ष निवासी पठारिया, दूसरा आरोपी का नाम रामलाल पिता भेरा मीणा निवासी पठारिया को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों से पूछताछ की गई तो बताया कि लंबे समय से अवैध कच्ची शराब बनाने की फैक्टरी को संचालित कर रहे है। प्लास्टिक की कैन में छुपाकर रखी करीब 200 लीटर कच्ची शराब को भी मौके से जब्त किया है। सात ही तीन हजार से अधिक महुआ लहान को नष्ट किया गया। कार्रवाई को लेकर शराब तस्करों में हडकंप मच गया है।
आचार संहिता लगते ही राजस्थान बॉर्डर से मध्य प्रदेश के नीमच जिले में अवैध शराब लाने वालों पर कडी निगाह रखी जा रही है। कच्चे रास्तों से लेकर राजमार्ग या अन्य चोर रास्तों पर चैकिंग पाइंट बना दिए गए है। चाहे दो बोतल राजस्थान से ला रहा हो या फिर ज्यादा। सभी पर कार्रवाई होगी। आचार संहिता में पकडाने पर कडी कार्रवाई किए जाने का प्रावधान भी रखा गया है, चाहे वह प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो, सभी के खिलाफ कडी कार्रवाई होगी।
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