विक्रमोत्सव 2024 का शुभारंभ : रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 2024' एवं ‘आर्ष भारत एवं विक्रम पंचांग’ (विक्रम सम्वत् 2081) का लोकार्पण
मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने उद्बोधन में कहा कि आज उज्जैन में विक्रमोत्सव, व्यापार मेला और उद्योग सम्मेलन का शुभारंभ कर मध्यप्रदेश को देश का नंबर वन राज्य बनाने को मशाल उठाई है। मुझे गर्व है कि मैं उस संस्कृति का संवाहक हूं जो अतीत पर गर्व करती है, जो पेड़, पर्वत, नदी, जमीन सब में जीव ढूंढती है। काल की नगरी महाकाल नगरी उज्जैन की किसी से कोई होड़ नहीं हो सकती। परंपरा है यहां शिप्रा में स्नान करो, मंगलनाथ पर जल चढ़ाओ, बाबा महाकाल कृपा करेंगे। सीएम मोहन यादव ने कहा कि कालिदास ने ग्रंथों के माध्यम से उज्जैन की गाथा गाई। साथ ही उन्होंने इस दौरान उज्जैन का पौराणिक और धार्मिक महत्व बताया। साथ ही उन्होंने सिंधिया राजवंश द्वारा उज्जैन में करवाए धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों को याद किया। सीएम ने कहा अयोध्या, मथुरा, माया, काशी, कांची, अवन्तिकापुरी, द्वारवती ज्ञेया: सप्तैता मोक्ष दायिका। उज्जैन, दुनिया के सात सबसे पवित्र नगरों में से एक है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं खाते में राशि ट्रांसफर भी की। गौरतलब है कि हर माह 10 तारीख को यह राशि जारी की जाती है, लेकिन इस बार एक तारीख को सरकार ने यह राशि ट्रांसफर करने का फैसला लिया था।
इस दौरान वर्चुअली जुड़े केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि उज्जैन को धार्मिक और अध्यात्म का केंद्र नहीं हमें उज्जैन को व्यापार और व्यवसाय का केंद्र भी बनाना है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना को लेकर सिंधिया ने कहा कि जो काम पिछले तीस साल से उलझा था, उसे सीएम मोहन यादव ने 60 दिन में हल कर दिया। इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार को यानी 2 मार्च को को सुबह 10.30 बजे से 12.30 बजे तक उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे। इस दौरान धार्मिक और फिल्म पर्यटन, फार्मा, मेडिकल डिवाइसेस के अवसर और चुनौतियों पर चर्चा होगी। इस बीच लोगों को डमरू धुन व शंखनाद सुनाई गई। वहीं एक दिन पहले प्रधानमंत्री द्वारा किए 17000 करोड़ रूपये के कार्यों के भूमिपूजन एवम लोकार्पण समारोह का वीडियो भी दिखाया गया।
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