विदिशा (ब्यूरो) - लोकायुक्त की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यहां मत्स्य विभाग में सहायक संचालक के पद पर पदस्थ आरोपी संतोष कुमार दुबे को 50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दरअसल अगस्त 2022 का एक आदेश था, जिसमें हितग्राही को लगभग एक लाख 80 हजार रुपये का भुगतान करना था। बजट आने के बाद राशि हितग्राही के खाते में जमा की गई थी, लेकिन उस राशि में 50,000 की राशि सहायक संचालक को देने का तय किया गया था। लोकायुक्त पुलिस की निरीक्षक नीलम पटवा ने बताया कि लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर फरियादी हरिराम रैकवार की शिकायत की पुष्टि के बाद सहायक संचालक संतोष कुमार दुबे को विदिशा में 50,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपित सहायक संचालक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त भोपाल की टीम के दर्जन भर सदस्य मौजूद रहे. लोकायुक्त निरीक्षक नीलम पटवा ने बताया कि 23 फरवरी को फरियादी हरिराम रैकवार कार्यालय आया था. उन्होंने बताया था कि वह मछली पालन करता है. प्रधानमंत्री की एक योजना पर मछली पालन में सब्सिडी मिलती है. इसे मस्त्य विभाग के अधिकारी स्वीकृत करते हैं. हरिराम रैकवार की पत्नी के खाते में 1 लाख 80 हजार रुपए आने थे. ये राशि एक हफ्ते पहले आई. इसमें 50 हजार रुपये शिकायतकर्ता से मांगे गए. मत्स्य विभाग में सहायक संचालक रिश्वत की राशि लेते हुए गाड़ी में लेते हुए पकड़े गए. सहायक संचालक गाड़ी में बैठा हुआ था और फरियादी से रिश्वत की रकम रखवा ली. इसी दौरान पहले से नजर गड़ाए बैठी लोकायुक्त की टीम ने दबोच लिया. लोकायुक्त ने गाड़ी में से 500-500 के नोट जब्त किए. बता दें कि मध्यप्रदेश में लोकायुक्त की लगातार सख्ती के बाद रिश्वतखोरी के मामले नहीं रुक रहे हैं. रोजाना रिश्वत लेने की खबरें आती हैं.
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