भोपाल (ब्यूरो) - अवैध हथियारों की सप्लाई व माफिया लारेंस विश्नोई गैंग को हथियार उपलब्ध करवाने के आरोप में मंगलवार को हुई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की छापेमारी के बाद मध्य प्रदेश में सिकलीगरों(अवैध हथियार बनाने वालों) के गांव फिर सुर्खियों में हैं। बुरहानपुर जिले का पाचोरी, बड़वानी जिले का उमर्टी और खरगोन जिले के गांव सिंगनूर पर राष्ट्रीय जांच एजेंसियों की निगाहें हैं। स्थानीय पुलिस ने भी उक्त क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। हालांकि एनआइए के अधिकारियों ने इस मामले में अधिकृत जानकारी नहीं दी लेकिन सूत्र बताते हैं कि एनआइए के पास इनपुट है कि विश्नोई गैंग को निमाड़ के बुरहानपुर, बड़वानी और खरगोन जिलों के गांवो में रहने वाले कुछ सिकलीगर हथियार सप्लाई कर रहे थे। बुरहानपुर का पाचोरी गांव कई दशक से अवैध हथियार बनाने और उनकी तस्करी कर महाराष्ट्र,उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में सप्लाई करने के लिए कुख्यात है। पाचोरी में पंजाब और उत्तर प्रदेश पुलिस भी दबिश दे चुकी है। सालों से यहां के हथियार तस्करों को मुख्य धारा में लाने की कोशिशें हो रही हैं लेकिन नतीजा शून्य ही है।
खरगोन जिले के ग्राम सिगनूर और बड़वानी जिले का उमर्टी बीते तीन दशकों से अवैध हथियार निमार्ण के मामले में कुख्यात हैं। यहां के सिकलीगर हथियार की फिनिंशिंग तक इस तरह करते हैं कि वह हूबहू हथियार निर्माण की बड़ी कंपनियों में निर्मित हथियार की तरह नजर आता है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित उमर्टी गांव घने जंगल और पहाड़ियों में बसा है। बीते सालों में हुई कार्रवाईयों में यहां के हथियार तस्करों के तार पंजाब, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई के साथ ही गुजरात व राजस्थान के बड़े शहरों से जुड़े पाए गए हैं। दिल्ली व पंजाब में गैंगस्टर व अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के यहां से हथियार खरीदने की बातें भी सामने आई हैं। बीते दिनों जिले से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के गैंगस्टर भी पकड़े जा चुके हैं। घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में बसे होने के कारण इस गांव में पुलिस को सर्चिंग में भी परेशानी आती है। सिकलीगर पहाड़ियों की खोह और जंगल में झोपड़ियां बनाकर हथियार तैयार करते हैं। पुलिस के गांव में पहुंचते ही जंगल में मौजूद सिकलीगरों को इसकी खबर मिल जाती है। ये सिकलीगर आर्डर पर पिस्टल से लेकर कार्बाइन तक तैयार करने के लिए जाने जाते हैं।
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