किसी ने यह सही कहा है
" शर्म उसे आती है जो शर्म से शर्माता है, यह खुद बेशर्म है शर्म इनसे शर्माती है "
साप्ताहिक चलता चक्र की खास रिपोर्ट
खातेगांव /कन्नौद/ देवास (डेस्क) - राज्य शासन ने समाज में सामाजिक उत्थान के लिए अनेक नियम बनाए हैं जिससे कि आधुनिक समय के साथ समाज का विकास हो समाज का प्रत्येक व्यक्ति शिक्षित होकर समाज की दिशा और दशा को स्वच्छ वातावरण की ओर ले जाए ! किंतु हमारे ही समाज से आए हुए शिक्षित व्यक्तियों को सरकार ने इसकी जिम्मेदारी दी है क्या वह जिम्मेदार अधिकारी अपने समाज के प्रति निष्ठावान है? इसका उत्तर देखना है तो आईये देवास जिले में जहा राज्य सरकार ने जो जिम्मेदारी दि है उसका कितना पालन हो रहा है इसकी बांनग़ी देखने के लिए जब हम भी इन अधिकारियों की तरह बेशर्म बनकर शराब के ठेके पर जा पहुंचे जहा ठेके पर ठेकेदार के गुरगो से हमने शराब की बोतल खरीदी इस बात को प्रमाणित करने के लिए हमने वहां पर वीडियो बनाया उसे वीडियो में स्पष्ट रूप से यह बात सामने आई एक शराब की बोतल पर ₹25 से लेकर ₹100 तक का सरकार के निर्धारित मूल्य से अधिक मूलय पर बेची जाना दूसरा सरकार के नियम के अनुसार उसका बिल नहीं देना राज्य सरकार के निर्देश अनुसार शराब ठेके के पास अहाते नहीं होना जो की देवास जिले के प्रत्येक शराब ठेके के पास देखे जा सकते हैं ज्योति मध्य प्रदेश शासन के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है आश्चर्य की बात तो यह है कि अधिकारी जिले में अपना सतत भ्रमण दिखाते हैं रिकॉर्ड पर क्या यह अधिकारी काले शीशे की गाड़ी और काले रंग का चश्मा लगाकर जिले में भ्रमण करते हैं जो इनको सरे आम ठेके की दुकान और चल रहे अवैधानिक आह्ते नहीं दिख रहे हैं? अनेक बार इस महीने में हमने समाचार लगाया है इसके बावजूद शासन के यह निकम्मा अधिकारियों का नहीं देखना निश्चित रूप से बेशर्मी की हद पार करना है! इसीलिए किसी ने सही कहा है "यह खुद बेशर्म है, शर्म भी इनसे शर्माती है! "
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