Skip to main content

नर्मदा में कम हुई ऑक्सीजन, उद्गम स्थल अमरकंटक में जल प्रदूषण, कुंड स्नान पर रोक की तैयारी



शहडोल (ब्यूरो) - अमरकंटक में पांच से अधिक दिनों तक यहां महाशिवरात्रि पर्व का मेला आयोजित हुआ जिससे अपार भीड़ यहां पहुंची जिससे नर्मदा उद्गम स्थल के इस कोटि तीर्थ घाट का प्रदूषण बढ़ गया। ऑक्सीजन की मात्रा घटकर 1.6 मिलीग्राम प्रति लीटर रह गई है। पुण्य सलिला एवं मध्य प्रदेश की जीवन रेखा मां नर्मदा का उद्गम अमरकंटक से हुआ है। नर्मदा मंदिर के निकट उद्गम स्थल है। यहां स्थित कोटि तीर्थ घाट पर उद्गम स्थल से नर्मदा सर्वप्रथम कुंड में पहुंचती है। यहां का जल प्रदूषित हो गया है। आचमन योग्य भी जल वर्तमान में नहीं है यह रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण विभाग शहडोल की है। हाल ही महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ इस कदर उमड़ी की कुंड के जल में आक्सीजन कम हो गई और प्रदूषण की मात्रा बढ़ गई। नर्मदा जल की शुद्धता बनी रहे इसलिए अब कोटि तीर्थ घाट पर स्नान पर प्रतिबंध लग सकता है इसके लिए नगर पंचायत ने पहल शुरू कर दी है।

नर्मदा मंदिर कुंड में स्नान

नर्मदा मंदिर परिसर पर भी एक मुख्य कुंड है जहां पूर्व में स्नान एवं पूजन की अनुमति श्रद्धालुओं की थी किंतु जल प्रदूषण बढ़ने से एक दशक पूर्व लगभग वर्ष 2003 में इसे स्नान हेतु प्रतिबंधित कर दिया गया। प्रतिदिन अमरकंटक में दस हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं। कोटि तीर्थ कुंड श्रद्धालुओं के लिए स्नान और पूजन तथा आचमन का सबसे अधिक धार्मिक आस्था का केंद्र है। हजारों लोगों के द्वारा एक दिन में यहां डुबकी लगाई जाती है। कोटि तीर्थ घाट कुंड की लंबाई लगभग 70 फिट है। जिसकी गहराई लगभग 6 फिट है यहां जल के निकासी बेहद धीमी गति से रामघाट की तरफ होती है। ऐसे में कुंड में स्नान करने वाले लोगों का भारी दबाव जल में आ जाता है जिससे आक्सीजन की कमी हो जाती है साथ ही जल प्रदूषित हो जाता है।

आक्सीजन की कमी

अमरकंटक में पांच से अधिक दिनों तक यहां महाशिवरात्रि पर्व का मेला आयोजित हुआ जिससे अपार भीड़ यहां पहुंची जिससे नर्मदा उद्गम स्थल के इस कोटि तीर्थ घाट का प्रदूषण बढ़ गया। ऑक्सीजन की मात्रा 6.5 मिलीग्राम प्रति लीटर जल में होनी चाहिए लेकिन मानक के अनुसार कोटि तीर्थ स्नान कुंड के जल में आक्सीजन की मात्रा घटकर 1.6 मिलीग्राम प्रति लीटर रह गई है। इससे पानी को साफ रखने वाले जलीय जीव जंतुओं और इको सिस्टम पर खतरा मंडराने लगा है।

धार्मिक पर्व पर ज्यादा प्रदूषण का असर

अमरकंटक में कई धार्मिक पर्व समय-समय पर मनाए जाते हैं। नर्मदा प्रकटोत्सव,श्रावण माह, पूर्णिमा, अमावस्या, दीपावली, होली, महाशिवरात्रि जैसे मुख्य अवसरों पर श्रद्धालुओं का दबाव कोठी तीर्थ घाट के नर्मदा जल पर सीधे तौर पर बन जाता है। वर्तमान में कोटि तीर्थ का जल स्तर 4.5 फीट है जो लगातार नीचे जा रहा है। जल की गहराई कम होने और स्नान करने वाले लोगों की अधिकता भीड़ यहां के जल को निर्मल नहीं रहने देती।य हां पर श्रद्धालु डुबकी लगाने के साथ ही पूजन भी घाट पर करते हैं इस दौरान वह पुष्प और दीपक, दिए, अगरबत्ती यहां तक की नारियल भी विसर्जन कर जाते हैं। कोटि तीर्थ की तरह नर्मदा मंदिर के ठीक है बगल स्थित मुख्य उद्गम स्थल कुंड में भी ऑक्सीजन की मात्रा महाशिवरात्रि के दौरान 4.5 मिलीग्राम प्रति लीटर तक पहुंच गई थी।इसी तरह रामघाट में 7.6 , पुष्कर डैम में 7.8,कपिला संगम में 7.9 मिलीग्राम प्रति लीटर आक्सीजन की मात्रा दर्ज की गई है।प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा अमरकंटक में नर्मदा जल के प्रदूषण की जांच हेतु जल नमूना लिया जाता है उपरोक्त सभी स्थान पर नदी की गहराई पर सेंसर भी लगाए गए हैं जिनके माध्यम से रियल टाइम वाटर क्वालिटी की मानिटरिंग की जाती है।

बार-बार कोटि तीर्थ स्नान कुंड में बढ़ते जल प्रदूषण

स्नान के लिए कोटि तीर्थ से लगभग 300 मीटर दूरी पर रामघाट और आगे पुष्कर डैम है जहां पर पवित्र नगरी अमरकंटक आए श्रद्धालु नर्मदा में स्नान करते हैं। नर्मदा मंदिर ट्रस्ट और नगर पंचायत अमरकंटक द्वारा बार-बार कोटि तीर्थ स्नान कुंड में बढ़ते जल प्रदूषण की रोकथाम हेतु यहां श्रद्धालुओं के स्नान पर को वर्जित करने का प्रयास कर रही है।शासन और जिला प्रशासन के पास इसके लिए प्रस्ताव भी भेज दिए गए हैं ताकि नर्मदा जल की शुद्धता यहां बनी रहे और श्रद्धालुओं को दर्शन एवं पूजन की अनुमति केवल दी जाए।श्रद्धालु रामघाट, पुष्कर, कपिल संगम जैसे अन्य नर्मदा तटीय घाट पर स्नान बिना किसी विरोध के कर सकते हैं।


नगर पंचायत लगातार प्रयासरत है की कोटि तीर्थ को स्नान के लिए प्रतिबंधित कर लिया जाए और पूजन आचमन के लिए ही यहां अनुमति रहे।ऐसा हमारी योजना भी है।

- चैन सिंह परस्ते मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पंचायत अमरकंटक


महाशिवरात्रि के दौरान नर्मदा के अन्य घाटों के जल नमूने लिए गए जिसमें कोटि तीर्थ में आक्सीजन की मात्रा कम पाई गई है।

बी एम पटेल, लैब शाखा प्रभारी प्रदूषण नियंत्रण विभाग शहडोल


कोटि तीर्थ को लेकर मंदिर ट्रस्ट की चर्चा जिला प्रशासन के अधिकारियों से हो चुकी है।यह कुंड घिरा हुआ है जिससे दूषित हो जाता है।या तो इसे सीधे रामघाट से जोड़ दिया जाए या फिर पूरी तरह से स्नान पर वर्जित किया जाए।

उत्तम द्विवेदी पुजारी नर्मदा मंदिर अमरकंटक

Comments

Popular posts from this blog

लगातार ठिकाना बदल रहा आरोपी, मुंबई क्राईम ब्रांच की उज्जैन और ओंकारेश्वर में ताबड़तोड़ छापेमारी

उज्जैन (ब्यूरो) - एनसीपी नेता व महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या में शामिल एक आरोपी की तलाश में मुंबई पुलिस की टीम मध्यप्रदेश पहुंची है। पुलिस ने अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। हत्या में और लोगों के शामिल होने का संदेह है। एक पुलिस अधिकारी ने मुताबिक, मुंबई पुलिस की एक टीम मध्यप्रदेश पुलिस के साथ मिलकर आरोपी शिवकुमार गौतम उर्फ शिवा (जो उत्तर प्रदेश के बहराइच का रहने वाला है) की तलाश कर रही है। ऐसी आशंका है कि वह मध्यप्रदेश में छिपा हो सकता है और उसे मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले और ओंकारेश्वर (खंडवा) में खोजा जा रहा है। रविवार शाम 7:30 बजे तक किसी का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने दावा किया कि संदिग्ध आरोपी संभवत: लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। दो आरोपी गिरफ्तार क्राइम ब्रांच अधिकारी ने रविवार शाम को मुंबई में मीडिया को बताया, मुंबई पुलिस ने 15 टीमें गठित की हैं, जिन्हें महाराष्ट्र से बाहर भेजा गया है और यह पता लगाने के लिए जांच जारी है कि शूटरों को किसने रसद सहायता प्रदान की? पुलिस ने अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों से दो पिस्तौल और 28 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं...

हनुवंतिया रिसॉर्ट में रुके दंपती के जलाशय में मिले शव, जांच जारी

खंडवा (ब्यूरो) - पुनासा ब्लॉक स्थित मिनी गोवा कहे जाने वाले पर्यटन स्थल हनुमंतिया में बड़ा हादसा सामने आया है। यहां सोमवार को पानी पर तैरते हुए दो शव नजर आए, जिसे देख मौके पर मौजूद पर्यटन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मूंदी थाना पुलिस सहित बीड चौकी पुलिस को इसकी सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकाला गया। शवों की पहचान भगवान सिंह धाकड़ (66) और उनकी पत्नी सुनीता बाई (इंदौर निवासी) थे, जो रिलायंस कंपनी में जनरल मैनेजर पद से रिटायर हुए थे। वे पत्नी के साथ हनुवंतिया घूमने आए थे। जिन्होंने ऑनलाइन ही यहां की बुकिंग की थी और इस दौरान वे यहां बने कॉटेज में ही रुके थे।  हनुवंतिया में दंपती की मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक भगवानसिंह का साला और भतीजा अपने परिवार के साथ हनुवंतिया पहुंचे। दंपती की दो बेटियां अमेरिका में डॉक्टर हैं। वे दोनों दो दिन के ट्रिप पर हनुवंतिया आए थे और सोमवार शाम को इंदौर लौटने वाले थे, लेकिन तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। सोमवार सुबह एमपीटी रिसॉर्ट के मैन...

एमपी कांग्रेस में घमासान : पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर बड़ा आरोप, इंदौर कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखी चिट्ठी

इंदौर (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश कांग्रेस में घमासान जारी है। अब इसके दायरे में पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी आ गए हैं। इंदौर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिग्विजय पर बड़ा आरोप लगाया और इसको लेकर एक पत्र भी लिखा। देवेन्द्र यादव ने दिग्विजय सिंह पर उन्हें अपमानित करने का आरोप लगाया है। उनका यह भी कहना है कि उस समय तो मैंने कुछ नहीं कहा लेकिन इस अपमान के जवाब में मैंने एक पत्र लिखा और उसे दिग्विजय सिंह की जेब में रख दिया।   देवेन्द्र यादव ने दिग्विजय सिंह को लिखे पत्र में कहा कि आपने बीजेपी के खिलाफ आंदोलन की जानकारी देते हुए कहा था कि पहले लोकसभा, विधानसभा और वार्ड जीतो। मैं बताना चाहता हूं कि आप के उम्मीदवार अक्षय बम जो 3 महीने पहले सक्रिय थे, अब बीजेपी में हैं। राजा मंधवानी, पार्षद अर्चना राठौड़ भी भाजपा में शामिल हुए लेकिन मैं भाजपा के खिलाफ लगातार आंदोलन करता रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा।  दरअसल दशहरे पर इंदौर में दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की। इसी दौरान देवेन्द्र यादव भी उनसे मिलने पहुंचे।...