हरामखाऊ अपमान समारोह, जहां मंच पर जानेमाने लोगों को बुलाकर की जाती है बेइज्जती, दिए जाते हैं अजीब नाम
छिंदवाड़ा (ब्यूरो) - सम्मान समारोह सभाएं और रैलियां तो आपने देखी होंगी लेकिन क्या कभी सार्वजनिक तौर पर अपमान समारोह होते हुए देखा है? अगर नहीं, तो आइए हम आपको दिखाते हैं एक ऐसा ही अपमान समारोह जहां पर नेताओं से लेकर अधिकारियाें और समाज के प्रभावशील लोगों को बुलाकर उनका अपमान किया जाता है. इस सम्मेलन को हरामखाऊ सम्मेलन का नाम दिया गया है. होली के अवसर पर 36 सालों से ये सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है, जहां लोगों को खरी खोटी सुनाई जाती है.
किसी को जूते की माला, किसी को गोभी का फूल
छिंदवाड़ा के दशहरा मैदान में होलिका दहन के एक दिन पहले ये अपमान समारोह आयोजित किया जाता है. इस अपमान समारोह का नाम हराम खाऊ सम्मेलन है. मंच पर जिले के वरिष्ठ नागरिकों के साथ ही जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पत्रकार और कई व्यापारी मौजूद रहते हैं जिनका सार्वजनिक रूप से अपमान किया जाता है. किसी को जूते की माला पहनाई जाती है तो किसी का स्वागत गोभी के फूलों से किया जाता है.
राजा रेंचो ने लोगों को गुदगुदाया
शनिवार को छिंदवाड़ा के दशहरा मैदान में आयोजित हरामखाऊ सम्मेलन में अपमान समारोह समिति ने मशहूर कॉमेडियन राजा रेंचो को मनोरंजन के लिए बुलाया था. राजा रेंचो ने दशहरा मैदान में लोगों को जमकर हंसाया और गुदगुदाया. इस दौरान छिंदवाड़ा जिले के कई जनप्रतिनिधि अधिकारी पत्रकार और वरिष्ठ जन मौजूद रहे जिनका मजे लेते हुए सार्वजनिक तौर पर अपमान किया गया.
दिए जाते हैं मजेदार टाइटल
इस समारोह के दौरान ही हास्य बुलेटिन हरामखाऊ टाइम्स का विमोचन भी किया जाता है. इस अखबार में जिले के बड़े-बड़े नामों के साथ मजाकिया टाइटल दिए जाते हैं. सालभर ये लोग इसी नाम से जाने जाते हैं. मजाकिया टाइटल और अलग नामों का ये सिलसिला हर साल चलता है, जो इस कार्यक्रम को और भी रोचक बना देता है. आलम यह है कि इस कार्यक्रम की लोकप्रियता साल-दर-साल बढ़ती जा रही है. इसकी वजह से हर साल यहां प्रदेश भर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. 36 सालों से चला आ रहा ये अपमान समारोह बुरा ना मानो होली है और आपसी भाईचारे का प्रतीक है, और लोग इसका भरपूर आनंद उठाते हैं.
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