संघ प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे ओंकारेश्वर : आदि शंकराचार्य की 108 फीट निर्माणाधीन प्रतिमा का किया अवलोकन, दिए महत्वपूर्ण सुझाव
ओंकारेश्वर (निप्र) - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत तीर्थनगरी ओंकारेश्वर पहुंचे। यहां उन्होंने ओंकार पर्वत पर निर्माणाधीन आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट की निर्माणाधीन प्रतिमा की परियोजना का अवलोकन किया।आदिगुरु शंकराचार्य की मूर्ति के दर्शन कर यहां पुष्पांजलि अर्पित की। वे करीब आधे घंटे तक यहां रूके। इस दौरान उनका स्वागत महामंडलेश्वर विवेकानंद पुरी शाल-श्रीफल से किया। इस दौरान शंकराचार्य ट्रस्ट के पदाधिकारी और साधु-संत उपस्थित रहे। प्रोजेक्ट के विषय में मौके पर उपस्थित अधिकारियों तथा इंजीनियरों से बड़ी स्क्रीन पर देखकर जानकारी ली और पूरे प्रोजेक्ट को समझा। आयोजन स्थल पर आरएसएस प्रमुख को एकात्मवाद पर आधारित आदिगुरु शंकराचार्य की शार्ट फिल्म भी दिखाई गई। भागवत ने कहा कि ओंकारेश्वर में जो शंकराचार्य की मूर्ति स्थापित की गई है यह अद्भुत है। हमें भारत को विश्व के समक्ष बड़ा करना है। इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं। शंकराचार्य जी ने हिंदू धर्म के उत्थान के लिए बहुत कार्य किए हैं।
महामंडलेश्वर विवेकानंद पुरी महाराज ने बताया कि जिस तरह से एकात्म धाम का निर्माण कार्य चल रहा है, उसे अब गति मिलेगी तथा जो दिशा–निर्देश संघ प्रमुख ने यहां दिए हैं। उससे यह लगने लगा है, कि एकात्म धाम बनाने का जो उद्देश्य है, वह अब पूर्ण होगा। एकात्म धाम बनाने का मूल उद्देश्य सामाजिक समरसता को सकल विश्व तक फैलाना है, जिससे मानव कल्याण सुनिश्चित किया जा सके। संघ प्रमुख ने आज यहां आकर हम सभी को जो आवश्यक बातें कही हैं, उससे निश्चित रूप से अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। शंकराचार्य की मूर्ति के दर्शन कर भागवत यहां से ओंकारेश्वर के बिल्लोरा में स्थित श्रीश्री रवि शंकर के आश्रम रात्रि विश्राम के लिए रवाना हो गए। इसके बाद वे मालवा तथा मध्य प्रांत के पदाधिकारीयों की बैठक लेंगे। आज वे ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचेंगे।इसके बाद निरंजनी अखाड़े में आयोजित हवन-पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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