तीन विभाग ने सयुक्त रूप से की जंगलों में कच्ची शराब पर कार्यवाही, 26 हजार 300 किलो ग्राम महुआ लहान व 630 लीटर मदिरा जब्त
शराब से जुड़ी घटनाओं के बाद कार्यवाही के लिए सक्रिय हो जाता है पुलिस और आबकारी विभाग
बड़वाह (निप्र) - कच्ची और अंग्रेजी शराब के सेवन से होने वाली किसी भी अप्रिय घटना के बाद पुलिस और आबकारी विभाग कुछ दिनो के लिए सक्रिय हो जाता है। ऐसी घटनाओं के बाद जितनी शराब अंग्रेजी नही पकड़ी जाती उससे अधिक कच्ची शराब दोनो विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्मचारियों के सहयोग से पड़कने की कार्यवाही कर डालते है। हालाकी इन दोनो ही विभाग की नजर जितनी शहर के ढाबों में खुले आम बिकती शराब पर नहीं पड़ती। उससे कई अधिक कार्यवाही जंगलों में बनने वाली हाथ भट्टी शराब पर कर दी जाती है। ताकि इन कार्यवाहियों की सुर्खियां अखबारों और इलेक्ट्रानिक मीडिया में बनने से शराब से होने वाली घटनाओं पर पर्दा डाला जा सके। कुछ इसी तरह की कार्यवाही में वृत बड़वाह में आबकारी और पुलिस एवं वन विभाग के संयुक्त प्रयास से भारी मात्रा में अवैध शराब जप्त की है। उक्त कार्यवाही कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के निर्देश और जिला सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन एवं आबकारी कन्ट्रोलर खरगोन सजेंद्र मोरी के नेतृत्व में हुई।जिसके तहत व्रत बड़वाह के ग्राम कड़ियाकुंड, मांडाझोल, ऊनाव, रावत पलासिया,मठ पलासिया के आसपास घने जंगलों में एवं नालों के किनारे जमीन में गड़े ड्रमों से एवँ अवैध रूप से संचालित शराब के ठिकानो पर कार्यवाही की गई। इस दौरान भारी मात्रा में हाथ भट्टी शराब, महुआ लहान, एवम शराब बनाने में प्रयोग आने वाली सामग्री ड्रम, गुड़,लकड़ी इत्यादि मौके से जप्त की गई। जिसमे 630 लीटर अवैध हाथभट्टी मदिरा जप्त करने के साथ ही लगभग 26 हजार 300 किलो ग्राम महुआ लहान को जप्त कर नियमानुसार विधिवत कार्रवाई की। जप्त मदिरा एवं महुआ लहान का बाजार मूल्य लगभग 29 लाख रुपये बताया जा रहा है।
इस कार्यवाही में बड़वाह आबकारी उपनिरीक्षक,रवि शंकर पुरोहित द्वारा म. प्र. आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) (क ),( च )के तहत 14 प्रकारण दर्ज किए । उक्त कार्यवाही में वन परिक्षेत्र अधिकारी धर्मेंद्र सिंह राठौर एवं उनका अधीनस्थ दल ,पुलिस उपनिरीक्षक सुनील जामले एवं उनका दल तथा आबकारी उपनिरीक्षक मोहनलाल भायल,मुकेश गौर,अजय पाल सिंह भदौरिया,अशोक शिंदे,बीना खरे,सचिन भास्करे, ओमप्रकाश मालवीय, तृप्ति आर्य,भारती मासरे, शिवम चौरसिया,सार्थक वर्मा तथा उनके दल का विशेष योगदान रहा।हालाकी इस कार्यवाही के बाद सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी का कहना है कि अवैध मदिरा के विरुद्ध कार्यवाही निरन्तर जारी रहेगी।
उल्लेखनीय है की हाल ही रावत पलासिया क्षेत्र में एक परिवार में शराब का सेवन करने वाले पिता के विवाद के चलते उसकी 17 वर्षीय बेटी पूजा ने आत्मदाह कर लिया था ।इस मामले को लेकर मृतिका ने अपनी मौत का दोषी अपने शराबी पिता,पुलिस और अवैध शराब बेचने वालो को ठहराया था। जिसके बाद क्षेत्रीय विधायक सचिन बिरला भी उस पीड़ित परिवार से मिलने उनके निवास पर पहुंचे थे। जहा श्री बिरला ने पीड़ित परिवार को रावत पलासिया सहित जंगल में बनने वाली हाथ भट्टी शराब माफियाओ पर कार्यवाही कर शराब बंद करवाने का आश्वासन दिया था। जिसके बाद पुलिस, आबकारी और वन विभाग ने कच्ची शराब पर कार्यवाही कर केस दर्ज किए। लेकिन इस कार्यवाही का असर शहर के ढाबों और गली मोहल्लों में बिकने वाली अवैध शराब पर देखने को नही मिला । खैर आबकारी की यह कच्ची शराब और ऐसी कई कार्यवाही विगत कुछ दिनो से लोकसभा चुनाव के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जारी है।
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