खरगोन (ब्यूरो) - नौतपा के पहले ही खरगोन सहित समूचा निमाड़ भट्टी की तरह तप रहा है. जिले का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया है. गुरुवार को भी खरगोन में तामपान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. तेज गर्मी, लूं और उमस से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. वहीं अस्पताल में मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है. जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार जनरल ओपीडी में 700 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं. इसमें 50 प्रतिशत से ज्यादा मरीज उल्टी, दस्त, बेहोशी सहित हीट एंग्जाइटी से ग्रसित है. वहीं बच्चों की ओपीडी में प्रतिदिन ओसतन 60 से 70 बच्चे इलाज के लिए भर्ती हो रहे हैं.
पांच दिनों में इतना बढ़ा तापमान
दरअसल, 5 दिनों में जिले के तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है. आने वाले समय में इतना ही और तापमान बड़ने के आसार है. लेकिन, अभी से हाल यह हो गया है की 300 बेड वाले जिला अस्पताल में लोगों को बेड तक नहीं मिल रहे. एक पलंग पर दो व्यक्तियों का इलाज करना पड़ रहा है. जबकि वार्ड फुल होने से कई लोगों को गली में पलंग लगाकर या फिर नीचे गद्दा बिछाकर सोना पड़ रहा है. साथ ही गर्मी से बेहाल मरीजों को अपने घरों से पंखे लाने पड़ रहे है. हालांकि, अस्पताल प्रबंध ने भी कूलर लगाए हैं.
क्या है हीट एंग्जाइटी
जिला अस्पताल में पदस्थ मेडिकल विशेषज्ञ डॉ.मयंक पाटीदार (एमडी मेडिसिन) ने लोकल 18 को बताया की वर्तमान में जिला का तामपान अधिक होने से अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है. ज्यादातर पानी की कमी, डिहाइड्रेशन सहित हीट एंग्जाइटी के मरीज आ रहे है. ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती करके इलाज किया जा रहा है. वहीं हीट एंग्जाइटी के संबध में डॉक्टर ने कहां की यें बीमारी तब होती है जब शरीर उच्च तापमान के संपर्क में आता है, लेकिन तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता. इससे हार्ट बीट तेज हो जाता है. व्यक्ति बेहोश हो जाता है.
बचाव के उपाय
डॉ. मयंक ने कहां की तेज गर्मी में घर से बाहर नहीं निकले. बहुत ज्यादा जरूरी काम हो तो धूप से बचाव के साधन साथ रखें. सर और मुंह को कपड़े से बांध लें. भरपूर मात्रा में पानी पिएं. तरल पदार्थों और फल फ्रूट का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें. बावजूद इसके गर्मी की चपेट में आ जाते हैं, तो तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल में जाएं और परेशानी होने पर भर्ती होकर डॉक्टर से इलाज करवाएं.
कलेक्टर ने जारी की एडवाइजरी
बढ़ती गर्मी को देख जिला कलेक्टर कर्मवीर शर्मा एडवाइजरी जारी करते हुए कहां की बचाव के पर्याप्त साधनों का इस्तेमाल करें. बच्चो और बुजर्गो का खास ध्यान रखें. ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं. इलेक्ट्रॉल पावडर या ग्लूकोस का उपयोग करें. वही CMHO डॉ.एमएल सिसोदिया ने कहां की लू से बचाव के लिए पानी सहित पेय पदार्थ जैंसे छाछ, लस्सी, मठ्ठा, फलों का जूस का सेवन अधिक करें. दोपहर में 12 से 4 बजे तक घर से बाहर ना जाएं. लू प्रभावित व्यक्ति को ओआरएस का घोल पिलाएं एवं ठंडे पानी की पट्टी रखें. डॉक्टर को दिखाएं या 108 एंबुलेंस को कॉल करें.
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