भोपाल (ब्यूरो) - भारत सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना सीसीटीएनएस के सुचारू संचालन एवं पर्यवेक्षण हेतु मंगलवार को पुलिस विभाग की “सीसीटीएनएस स्टेट एंपावर्ड कमेटी” की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता डीजीपी सुधीर सक्सेना ने की। उन्होंने तकनीकी नवचारों जैसे ICJS, सीसीटीएनएस, NAFIS, ई-विवेचना एप, ई-रक्षक एप, ऑनलाइन समन-वारंट माड्यूल की विस्तृत प्रगति की समीक्षा की साथ ही प्रदर्शन करने वाले जिलों को सुधार हेतु निर्देशित किया। इस दौरान स्टेट एक्शन प्लान ICJS 2.0 के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। ICJS के आधार स्तंभ-जेल, अभियोजन, फाॅरेंसिक एवं पुलिस विभाग ICJS 2.0 लागू होने के बाद तकनीकी रूप से और अधिक दक्ष होंगे। बैठक में ICJS 2.0 के प्रस्ताव को केंद्र शासन को भेजे जाने हेतु अनुमोदित किया गया। नवीन स्टेट एक्शन प्लान के लागू होने पर पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय सुलभता होगी। इस बैठक में एडीजी एससीआरबी चंचल शेखर, एडीजी योजना विवेक शर्मा, एमपीएसईडीसी के एमडी अंशुल गुप्ता, परियोजना अधिकारी विनय पांडे, एनआईसी के सीनियर डायरेक्टर कौशी जॉन, जेल सुप्रीटेंडेंट दिनेश कुमार नरगावे, अभियोजन संचालनालय से जिला अभियोजन अधिकारी अमिता वी. बरकरिया एवं गृह विभाग, फॉरेंसिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। एनसीआरबी, नई दिल्ली से सहायक संचालक पवन भारद्वाज भी ऑनलाइन माध्यम से सम्मिलित हुए।
मध्यप्रदेश की रैंकिंग टॉप 5 राज्यों में
इस दौरान एडीजी एससीआरबी चंचल शेखर ने ICJS/CCTNS प्रोजेक्ट की वस्तुस्थिति एवं तकनीकी नवाचार, नवीन आपराधिक कानून का सीसीटीएनएस में समाकलन तथा नेफिस की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। चंचल शेखर ने बताया कि संपूर्ण भारत में निरंतर CCTNS के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश की रैंकिंग टॉप 5 राज्यों में है। ICJS के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश टॉप 3 राज्य में बरकरार रखा है। विगत वर्ष 2023 में मध्यप्रदेश को संपूर्ण भारत में ICJS के क्रियान्वयन में प्रथम स्थान भी प्राप्त हुआ है। डीजीपी सुधीर सक्सेना ने तकनीकी नवाचारों एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु बैठक में सम्मिलित सभी अधिकारियों को बधाई दी। साथ ही उच्च प्रदर्शन को बनाए रखते हुए इसी तरह कार्य करने हेतु प्रोत्साहित भी किया।
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