अवैध खनन रोकने अब पुलिस नहीं कर सकेगी कार्रवाई: कलेक्टर, तहसीलदार, एसडीएम, जिला पंचायत सीईओ, खनिज अधिकारी ही करेंगे कार्यवाही
पटवारी और ASI की मौत के बाद सरकार ने लिया फैसला, AI गेट भी लगाए जाएंगे
भोपाल (ब्यूरो) - मध्य प्रदेश में अवैध खनन रोकने सरकार सख्त हो गई है। कार्रवाई करने गए ASI और पटवारी की मौत के बाद फैसला लिया गया है कि अब सूचना मिलने पर पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी। पुलिस को पहले वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करना होगा। कलेक्टर, तहसीलदार, एसडीएम, जिला पंचायत सीईओ, खनिज अधिकारी ही कार्रवाई कर सकेंगे। अवैध खनन रोकने के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें अधिकार क्षेत्र भी तय कर दिए गए हैं। शासन ने कहा है कि कार्रवाई से पहले राजस्व अधिकारियों को भी सूचित करना होगा। पर्याप्त पुलिस बल होने के बाद ही कार्रवाई होगी। अवैध खनन रोकने के लिए 40 एआई (AI) गेट भी लगाए जाएंगे। 10 महीने में नई व्यवस्था को लागू किया जाएगा। गौरतलब है कि शहडोल के ब्यौहारी थाने में पदस्थ एएसआई महेंद्र बागरी की रेत माफियाओं ने हत्या कर दी थी। वे रात 1 बजे फरार वारंटी को पकड़ने बड़ौली गांव गए थे। उनके साथ दो अन्य पुलिसकर्मी भी थे। जब वे अस्थाई रूप से बने हेलीपैड के पास पहुंचे तो सामने से रेत का अवैध परिवहन कर रहा ट्रैक्टर मिल गया। एएसआई ने रोकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ने ट्रैक्टर नहीं रोका। वह चलते ट्रैक्टर से नीचे कूद गया और ट्रैक्टर ने एएसआई महेंद्र बागरी को कुचल दिया। जिससे एएसआई मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
रेत माफिया पटवारी की भी कर चुके हैं हत्या
25 नवंबर को रेत का अवैध उत्खनन रोकने गए पटवारी की बेखौफ रेत माफिया ने ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या कर दी थी। जिससे पटवारी की मौके पर ही मौत हो गई। रीवा जिले के रहने वाले 45 वर्षीय ब्यौहारी के खड्डा में पदस्थ पटवारी प्रसन्न सिंह देर रात सूचना मिलने पर अपने तीन अन्य पटवारी सहकर्मियों के साथ उस जगह गए, जहां से उन्हें रेत के अवैध उत्खनन की सूचना मिल रही थी। मौके पर कुछ लोग ट्रैक्टरों में अवैध रेत लेकर निकल रहे थे। पटवारी प्रसन्न सिंह ने ट्रैक्टर के सामने आकर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन ट्रैक्टर चालक पटवारी को रौंदते हुए वहां से फरार हो गया। यह पूरी घटना देवलोंद थाना क्षेत्र के गोपालपुर सोन नदी की थी।
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