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ग्रामीण क्षेत्रों में शराब माफिया का आतंक, किराने की दुकानों में भी धड़ल्ले से बिक्री



   देवास (ब्यूरो) - जिले में शराब माफिया का आतंक है. ग्रामीणों में दहशत है. गांव की गलियों में अंधगति से बेखौफ अवैध शराब से भरे वाहन दौड़ रहे हैं. किराना स्टोर पर भी शराब बिक रही है. आरोप है कि विरोध करने पर खातेगांव में सरपंच प्रतिनिधि पर वाहन चढ़ाने की कोशिश की गई. जिले के खातेगांव ओर नेमावर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब का परिवहन भारी मात्रा में हो रहा है. पुलिस व प्रशासन की उदासीनता के काऱण ग्रामीण क्षेत्रों में भारी मात्रा में अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है. दो दिन पहले राजोर गांव में शराब माफिया आए थे. ग्रामीणों ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वे धमकाते हुए निकल गए. सरपंच प्रतिनिधि पर तेज स्पीड से बोलेरो जीप से कुचलने का प्रयास किया गया. ग्रामीण सुनील जयसवाल सरपंच प्रतिनिधि ने बताया "शराब की कार उसने रोकी. कार काफी स्पीड मे थी. उसने मुझे कुचलने का प्रयास किया. जबकि नर्मदा नदी के 5 किमी के क्षेत्र मे शराब नहीं बेची जा सकती." गौरतलब है कि देवास जिले के ग्रामीण क्षेत्र में किराना दुकानों एवं गुमटियों पर धड़ल्ले से शराब की अवैध बिक्री हो रही है. ठेकेदारों द्वारा डायरी बनाकर गांवों में अवैध रूप से शराब का परिवहन एवं बिक्री की जा रही है. आबकारी विभाग की लापरवाही कहें या साठगांठ से गांव की गलियों में अवैध शराब बिक्री हो रही है. इधर ठेकेदारों ने गांवों में डायरीरूपी लाइसेंस दे दिए. ग्रामीण क्षेत्र में किराना दुकानों पर गेहूं, चावल या अन्य उपज के बदले आसानी से शराब मिल जाती है. ग्रामीण शराबियों के आतंक से परेशान हैं. इस बारे में देवास के आबकारी मंदाकिनी दीक्षित का कहना है "आबकारी विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है. जैसे हमारे पास सूचना आती है. वहां हमारे द्वारा कार्रवाई की जाती है. ग्रामीण क्षेत्र में कहीं भी अवैध शराब बिक्री हो रही है तो उसकी सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाएगी."

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