खरगोन (निप्र) - जिले में खरीफ सीजन में खेत तैयार करने के बाद अब किसानों को कपास बीज बुआई की चिंता सताने लगी है। किसान खेत में बीटी काॅटन राशि 659 व नुजिवुड आशा की बुआई करना चाहते है, जिसकी बाजार में किल्लत बताई जा रही है। विशेष बीज की बढ़ती मांग को देखते हुए कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इसी को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को बीज उपलब्ध कराने के लिए गुरुवार को कृषि उपज मंडी में टोकन व्यवस्था शुरू की है। इसकी सूचना मिलते ही सैकड़ों किसान मंडी पहुंच गए, जो सुबह 9 बजे से तपती दोपहरी 4 तक तीखी धूप में खड़े रहे।अधिकारियों का कहना है कि एक किसान ने काॅल किया था कि कालाबाजारी हो रही है। इसके बाद व्यवस्था में बदलाव किया है। बीज लेने के लिए चार घंटे पसीना बहाने के बाद एक पावती पर दो पैकेट बीज का टोकन दिया गया। इससे कई किसानों में नाराजगी भी देखी गई।
किसानों को आसानी से बीटी काटन बीज उपलब्ध कराने के लिये कॄषि मंडी में की गई व्यवस्था गुरुवार को अव्यवस्था में बदल गई। बीज की आस में सुबह पांच बजे से किसान मंडी पहुंचने लगे। यहां बीज नहीं मिला तो किसानों ने हंगामा कर दिया और चित्तौड़गढ़-भुसावल मार्ग पर रास्ताजाम कर दिया। हालांकि प्रशासन ने बुधवार देर रात बीज की कमी बताते हुए दो दिन बाद वितरण की सुचना जारी की थी, लेकिन किसानों तक यह सूचना नही पहुंच पाई और सैकड़ों किसान बीज लेने मंडी पहुंच गए। यहां सुबह नौ बजे तक एक हजार से अधिक महिला पुरूष धूप के बीच टोकन पाने खड़े हो गए। मंडी पहुंचे कर्मचारियों ने जैसे ही टोकन वितरण नही होने की सूचना दी तो किसानों का रोष फुट पड़ा। कई किसान मंडी गेट पहुंचे और चित्तौड़गढ़ भुसावल हाइवे पर चक्काजाम कर दिया। देखते ही देखते सैकड़ों वाहनों के पहिये थम गए। सूचना पर पहुंचे एएसपी टीएस बघेल, एसडीएम भास्कर गाचले, डीडीए एमएल चौहान ने किसानों को समझाइश दी। किसानों के आक्रोश को देखते हुए टोकन वितरण शुरू किया गया।
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