खंडवा (ब्यूरो) - जिले में स्थित सिंगाजी ताप परियोजना में शनिवार सुबह अचानक बड़ी मात्रा में धुआं निकलता देखा गया, जिसके बाद आनन फानन में परियोजना अधिकारियों ने फायर फाइटर टीम को बुलवाया। जिसके बाद आग पर काबू पाया गया। परियोजना में स्थित चार में से एक पावर हाउस में किसी पक्षी के टकराने से हुए शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगना बताया जा रहा है। इस आग में परियोजना के दो छोटे पैनल जलना बताए जा रहे हैं। हालांकि, आग पर काबू पाने के बाद परियोजना में विद्युत उत्पादन का कार्य सामान्य रूप से चालू है।
खंडवा जिले के मूंदी ब्लॉक के सिंगाजी ताप परियोजना के फेस 2 के वैगन टिप्पलर से बॉयलर तक जाने वाले कन्वेयर बेल्ट टीपी 7 में शनिवार सुबह अचानक आग लग गई। जिससे टीपी 7 के कोयले को आगे सप्लाई करने वाले तीन बेल्ट 100 मीटर के लगभग जलकर खाक हो गए। बताया जा रहा है कि परियोजना में घर्षण से रात भर धुआ निकलता रहा, जिसके बाद सुबह यह आग में बदल गई। फायर फाइटर ने इस आग पर काबू पाया है। हालांकि, इसके चलते सिंगाजी ताप परियोजना के फेज 2 से बॉयलर तक कोयले की सप्लाई को बंद किया गया था। वहीं, कन्वेयर बेल्ट पर 2 पक्षी भी मरे हुए मिले हैं, जिससे माना जा रहा है कि संभवतः इनके टकराने की वजह से हुए शॉर्ट शर्किट के चलते आग लगी होगी। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा या नुकसान नहीं हुआ और घटना के कुछ देर बाद ही दुबारा से बिजली उत्पादन शुरू कर दिया गया है।
परियोजना के अधिकारी आर के साहू ने बताया कि यह घटना लगभग सुबह 6:00 बजे हुई थी। जहां, हमारा कन्वेयर नंबर 7 ए रहता है। यहां दो पावर हाउस हैं, जिनमें से 660 के एक यूनिट में जहां कोयल जाता है वहां सुबह-सुबह धुंआ दिखा। इसके बाद फायर फाइटिंग की टीम वहां पहुंची और आग पर काबू पाया गया। हालांकि, इस घटना में कुछ ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, केवल दो छोटे-छोटे पैनल थे, वह फ्यूज होकर जल गए थे। उन्होंने बताया कि प्लांट में आग लगने के बाद धुआं बड़ी मात्रा में निकलता हुआ दिख रहा था, वहां पर कोयला और तेल पड़ा रहता है, जिसकी वजह से आग लगने के बाद तेल की वजह से फ्लेम की जगह धुंआ ज्यादा निकल रहा था। घटना से कुछ ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है और न ही किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं है। स्थिति कंट्रोल में है और प्लांट चालू है।
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